पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • दुर्घटनाओं पर नहीं हो रहा है नियंत्रण

दुर्घटनाओं पर नहीं हो रहा है नियंत्रण

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - बालोद
बालोद-दुर्ग-धमतरी प्रमुख मार्ग में लगातार दुर्घटनाएं हो रही है। हर दो दिन के अंतराल में बड़ी दुर्घटना घट रही है। जिला मुख्यालय के प्रवेश करने से पहले ही मुख्य मार्ग पर कुछ ऐसी जगह है। जहां अक्सर दुर्घटना होती रहती है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं में अब तक कई लोगो की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी यातायात विभाग इस ओर कोई पहल नहीं कर पा रही है। इस संबंध में भास्कर लगातार खबरें प्रकाशित कर यातायात विभाग का ध्यान आकर्षित कराने का प्रयास कर रही है। भास्कर ने 3 और 13 जनवरी को बढ़ती दुर्घटनाओं पर खबरें प्रकाशित की है। इसके बावजूद दुर्घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
अब तक मुख्य मार्गो पर हादसों का सिलसिला लगातार जारी है। सड़कों पर हर समय वाहनों की आवाजाही बनी हुई है। 2013 में जिले के प्रमुख मार्ग पर 284 दुर्घटनाओं में 109 लोगों की मौत एवं 313 घायल हो चुके हैं। वहीं 2014 के पहली सुबह से एक बड़ा हादसा शहर को दहला गया। जो अभी तक जारी है। जिला बनने के बाद अब इस ओर ठोस कदम उठाना समय की आवश्यकता है। जिस पर तत्काल पहल भी जरूरी है।
सभी मार्गों पर कई टर्निंग पाइंट
बालोद से दुर्ग व धमतरी मार्ग पर कई टर्निंग है। जहां कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी है। बालोद से झलमला मार्ग पर पडऩे वाले लगभग आधा दर्जन मोड पर हर माह दुर्घटनाएं होती रहती है। दुर्घटनाओं के बाद भी यातायात विभाग के साथ-साथ लोग भी इस ओर जागरूक नहीं हो रहे है।
इस मार्ग में तांदुला ओवरब्रिज के पहले अंधा मोड है। जहां पर आए दिए दुर्घटनाएं होती रहती है। इस जगह मोड़ पर घनी झाडिय़ां होने की वजह से सामने आ रहे वाहन दिखाई नहीं देते और अनियंत्रित होकर वाहन पेड़ या सामने से आ रही वाहन पर टकरा जाता है।
वाहन को नियंत्रित नहीं कर पाते
यातायात विभाग के तत्वावधान में विगत दिनों सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया गया। इस आयोजन में लोगों को यातायात के संबंध में कई जानकारियां दी थी। फिर भी लोगों में इसका कोई प्रभाव नहीं दिखा। चालकों को अपने वाहन को नियंत्रित करने के लिए कम स्पीड में गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है लेकिन आज भी युवा वर्ग अपने वाहन को ज्यादा स्पीड में सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। ऐसा ही मामला एक जनवरी की बालोद-धमतरी मार्ग पर करहीभदर के पास हुई थी।
इस मार्ग में हुए हादसे में वाहन चालक रफ्तार पर नियंत्रण नहीं कर पाया था। यहीं वजह रहीं की बड़ा हादसा हुआ। इसी तरह गंजपारा के पहले टर्निंग में अनियंत्रित ट्रक ने पोल को उखाड़ दिया था। जिससे कुछ घंटों तक बिजली सप्लाई बाधित हुई थी। ऐसे कई दुर्घटनाएं हो चुकी है। जिनमें चालक अपने वाहन पर नियंत्रित नहीं करता और हादसे हो जाते है।




वाहनों पर होती है कार्रवाई

॥ विभाग समय-समय पर अपनी कार्रवाई करता है। सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान भी समझाइश दी गई। हमेशा हम वाहनों की चेकिंग करते हैं। ञ्जञ्ज

प्रकाश सिंग, जिला यातायात प्रभारी

मोड़ पर सावधानी संकेतक नहीं होने के कारण हो रही है दुर्घटना।

तांदुला ओवरब्रिज के पास दिसंबर में अनियंत्रित होकर बोलेरा इस तरह पलट गई थी।

कई दुर्घटनाओं की मुख्य

वजह चालक का नशे में होना

जिला मुख्यालय बनने के बाद से ही क्षेत्र में बढ़ते यातायात के दबाव से दुर्घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। अधिकतर घटी दुर्घटनाओं में वाहन चालक नशे में थे। शराब पीकर वाहन चलाने वाले लोगों के लिए यातायात विभाग ने अल्कोहल चेक करने की मशीन की व्यवस्था की है। इस मशीन का पहली बार उपयोग नए वर्ष के दिन किया गया। इसके बाद इस मशीन का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस मशीन के उपयोग नहीं होने से अभी भी लोग शराब पीकर बैखौफ वाहन चला रहे है। इस वजह से दुर्घटना बढ़ती जा रही है। अब तक के हुए अधिकांश हादसों में देखा गया है कि वाहन चालक नशे में वाहन चला रहे थे। नशे में रहने वाले वाहन चालक रफ्तार से गाड़ी ड्राइव करते है। गाड़ी रफ्तार में होने की वजह से टर्निंग पर वे धोखा खा जाते है और हादसा हो जाता है। वाहन सीधे पेड़ से टकराता है या सामने से आ रहे वाहन से। चालक को इस बात का होश नही रहता है कि सड़क पर उनके आगे-पीछे, दाएं-बाएं सैकड़ों वाहन व राहगीर चल रहे है। ऐसे चालक कई लोगों की जान खतरे में डाल देते है। साथ ही अपने वाहन में बिठाए लोगों को। नशे में रहने वाले वाहन चालकों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बुलंद रहते है। वे अपने साथ-साथ दूसरों की जान भी जोखिम में डाल देते है। मुख्य मार्गो पर कई टर्निंग है। टर्निंग होने की वजह दोनों ओर से आवाजाही करते वाहन में टक्कर की संभावना ज्यादा रहती है। वहीं बिना शराब पिये लोग भी वाहन स्पीड से चलाते है। स्पीड में होने की वजह से अपने रफ्तार पर कंट्रोल नहीं कर पाता और घटना हो जाती है।



ट्रैफिक विभाग के जवान तैनात नहीं रहते

सड़क सुरक्षा सप्ताह में विभाग ने लोगों को नियम-कायदे बताए थे। विभाग द्वारा किया गया यह पहल लोगों जागरूकता लाने के लिए की गई थी। लेकिन कई जगहों पर यातायात विभाग को नियम कायदे के साथ दुर्घटनाएं रोकने के लिए पहल भी करना आवश्यक है। कई डेंजर जोन मार्ग में अभी तक सांकेतिक बोर्ड नहीं लगाया गया है। सांकेतिक बोर्ड नहीं लगने से वाहन चालकों को परेशानी होती है। वहीं वाहनों के रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए कभी-कभी ही ट्रैफिक विभाग कार्रवाई करती है। रोजाना ऐसी कार्रवाई नहीं होने से भी हादसे होने की संभावना रहती है। झलमला तिराहा चौक में विशेष मौकों पर ही कार्रवाई की जाती है। अन्य दिनों में वहां ट्रैफिक विभाग के जवान नजर नहीं आते। कार्रवाई नहीं होने से मनचले युवक अपने वाहन तेज रफ्तार से मुख्य मार्गो में चलाते है। कोई कार्रवाई हो तो ऐसी घटना से बचा जा सकता है। तीन सवारी बिठाए मनचले युवक धड़ल्ले से वाहन दौड़ा रहें है।



जनवरी में हुए

प्रमुख हादसे

बालोद-दुर्ग-धमतरी मार्ग पर ब्लाइंड टर्निंग हैं कारण।

ञ्चबीते साल 284 दुर्घटनाओं

में 109 लोगों की हुई मौत

ञ्चहर दो दिन में हो रही है दुर्घटनाएं, 313 हो चुके घायल

ञ्चदुर्घटनाओं को रोकने यातायात विभाग का प्रयास काफी नहीं ञ्चसमझाइश के बाद भी युवा

तेज गति से चलाते हंैं वाहन



इस वर्ष के पहले दिन ही बालोद-धमतरी मार्ग पर सांकरा-करहीभदर के बीच पुलिया में इंडिका टकरा गई। हादसे में वाहन चालक कुर्मीपारा निवासी 27 वर्षीय मिलेन्द्र चंद्राकर उर्फ बिरेन्द्र चंद्राकर व सिंधी कालोनी निवासी 24 वर्षीय कैलाश लालवानी की मौके पर ही मौत हो गई। कार में सवार राकेश जायसवाल, विक्की साहू एवं वसीम घायल हो गए।

24 जनवरी को बालोद-धमतरी मार्ग के जमरूवा-मटिया मोड में मेटाडोर और बाइक की टक्कर हो गई। मेटाडोर ग्राम करहीभदर से बालोद की ओर आ रही थी। वहीं बालोद की ओर से अपनी मोटर साइकिल से ग्राम पर्रेगुड़ा का निवासी 23 वर्षीय सुनित कुमार यादव तथा 24 वर्षीय टीकेश्वर उइके अपने गृहग्राम जा रहा था। तभी मोड़ पर दोनों वाहनों में जोरदार टक्कर हो गई। जोरदार टक्कर होने से बाइक में सवार दोनों युवकों को गंभीर अवस्था में संजीवनी की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। जहां टीकेश्वर की मौत हो गई।

25 जनवरी को रात 9 बजे बालोद-झलमला मार्ग में सिवनी मोड के सामने ट्रक और ट्रेलर में टक्कर हो गई। ट्रक चालक झलमला से बालोद की ओर जा रही थी। वहीं ट्रेलर गाड़ी बालोद से दुर्ग जा रहे थे। ट्रक चालक टप्पा डोंगरगांव निवासी 20 वर्षीय लोकेश साहू घायल हो गया। जिसे संजीवनी की सहायता से जिला अस्पताल लाया गया। घायल की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद दुर्ग रिफर किया गया।

12 जनवरी को झलमला के पास दो मोटर साइकिल में टक्कर हो गई। झलमला के पदुमलाल एवं ग्राम सिवनी के कन्हैयालाल साहू, देवेन्द्र साहू को एक मोटर साइकिल ने टक्कर मारकर घायल कर दिया। बताया जाता है कि देवेन्द्र अपनी साइकिल से घर जा रहे थे। इसी दौरान गंगा मैया मंदिर के पास झलमला की ओर से आ रही मोटर साइकिल ने पीछे से टक्कर मार दी। दुर्घटना में देवेन्द्र को गंभीर चोट आई। जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया।

11 जनवरी को सुबह 1.45 बजे डौंडी-दल्ली मार्ग पर ग्राम खैरवाही के पास बस व वेन में टक्कर हो गई थी। वैन में सवार 8 लोग घायल हो गए थे। जिनमें तीन को गंभीर चोट लगी थी। यह घटना ओवरटेक की वजह से हुई थी। बताया जाता है कि बस अंतागढ़ से नांदगांव जा रही थी। इसी बीच ड्रायवर ने ओवरटेक के चक्कर में सामने से आ रही वेन से टकरा गया।

7 जनवरी को ग्राम सांकरी के शैलेन्द्र ठाकुर अपनी मोटर साइकिल से ग्राम पापरा से सांकरी जा रहे थे। इसी दौरान देवीनवागांव मोड के पास अनियंत्रित होकर गिर गया। इससे उन्हें गंभीर चोट आई। इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस घटना में चालक तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था। इस वजह से वह अपने वाहन पर कंट्रोल नहीं कर सका और अनियंत्रित होकर गिर गया।



केस ६

केस ५

केस ४

केस ३

केस २

केस १

क्या बरतें सावधानी

हेलमेट की अनिवार्यता पर ध्यान दिया जाए तो लोग अपनी जान बचा सकते है। ज्यादातर टू व्हीलर चालक बिना हेलमेट के ही वाहन चलाते नजर आ रहे है। वहीं कार चालक भी बेल्ट का उपयोग कम करते हैं। घटना के बाद बालोद, दुर्ग, भिलाई के लिए अस्पताल पहुंचने वाले केस हेड इंजुरी ((सिर पर गंभीर चोट)) के ज्यादा होते हैं। वाहन चालक हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करते इस वजह से भी परिणाम गंभीर होते हैं। विगत कई महीने से अंधे मोड़ पर अधिक दुर्घटनाएं घट रही है। फिर भी प्रशासन द्वारा उक्त मोड़ पर वाहनों की रफ्तार कम करने कोई उपाय नहीं किया जा रहा है।



ञ्चबालोद-दुर्ग मार्ग में धर्मकांटा के पास।

ञ्चओवरब्रिज के पास, सिवनी-हीरापुर मोड़ के पास।

ञ्चझलमला तिराहे के पहले, पारागांव पुलिया के पास।

ञ्चपड़की भाट गार्डर के पास, उमरादाह चौक।

ञ्चलाटाबोड़ चौक, सिकोसा, पैरी के पास।

ञ्चबालोद से धमतरी मार्ग में जगतरा, जमरूवा, कन्नेवाड़ा, सांकरा, करहीभदर के पास।

इस मार्ग के अलावा बालोद-दल्ली मार्ग पर भैंसबोड़ मोड़ भी काफी खतरनाक है। इसके अलावा दल्ली रोड में उपजेल मोड़, सुअरबोड़ मोड़ दुर्घटना के प्रमुख स्थान है, जहां घटना घट चुकी है। दुर्घटना में वाहन चालकों की मौत हेलमेट न पहनने की वजह से बताया जा रहा है।



इन डेंजर जोन मार्गों पर होती है अधिकतर दुर्घटना



बालोद-झलमला के यह स्थान ब्लाइंट टर्निंग है, तेज गति या लापरवाही से वाहन को मोड़ते समय विपरीत दिशा से आने वाली गाड़ी से टक्कर होने की रहती आशंका।