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34 को मिली डिग्री, 48 को मैडल

7 वर्ष पहले
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सीएसवीटीयू में शोधार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। स्टूडेंट्स के परिजन और संबंधित कॉलेजों का स्टॉफ इस दौरान मौजूद रहा।
सिटी रिपोर्टर - भिलाई
छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में 34 शोधार्थियों को पीएचडी की डिग्री और 48 प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले डिप्लोमा, यूजी और पीजी के छात्रों को गोल्ड मैडल प्रदान किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि इसरो के चेयरमैन डॉ के राधाकृष्णन व आईआईटी खड़कपुर के डॉ केएल चोपड़ा को कुलाधिपति शेखर दत्त ने डीएससी की मानद उपाधि प्रदान की।
सीएसवीटीयू के स्थापना के आठ साल बाद दूसरी बार मंगलवार को रूंगटा कॉलेज में आयोजित सीएसवीटीयू के दूसरे दीक्षांत समारोह में शोधार्थियों को डिग्री प्रदान करने की शुरुआत कंप्यूटर साइंस के विवेक दुबे के साथ हुई। एक के बाद एक 34 शोधार्थियों को डॉ बीसी माल ने डिग्री प्रदान की। फिर 48 छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि डा राधाकृष्णन व विशेष अतिथि डा केएल चोपड़ा ने मैडल प्रदान किया।
दीक्षांत समारोह की शुरुआत नियत समय पर ठीक साढ़े ग्यारह बजे सीएसवीटीयू की कुलसचिव जीआर साहू की अगुवाई में मुख्य अतिथि डा के राधाकृष्णन, कुलाधिपति शेखर दत्त, विशेष अतिथि डा केएल चोपड़ा, कुलपति डा बीसी माल, और विभिन्न विभागों के डीन की निकली शोभायात्रा से हुई। छात्रों के अलावा उनके परिजन, सीएसवीटीयू से संबद्ध कालेजों के डायरेक्टर सहित अन्य मौजूद थे।
कुछ ऐसा भी हुआ समारोह में: दूसरे दीक्षांत समारोह में कुछ अवसर ऐसे भी रहे, जो अपवाद के रूप में याद किए जाएंगे। समारोह में एक संकाय के ऐसे डीन थे, जिन्हें स्वयं दीक्षांत समारोह में डिग्री मिलनी थी, लेकिन वे दूसरे शोधार्थियों को डिग्री प्रदान करने की पुष्टि कर रहे थे। इसके अलावा समारोह से पहले कुलाधिपति और मुख्य अतिथि का स्वागत नियमत: कुलसचिव को करना था, लेकिन कालेज संचालक स्वयं अगुवाई करने पहुंच गए।



दीक्षांत समारोह - आठ साल में दूसरा आयोजन, इसरो प्रमुख डा राधाकृष्णन व डॉ केएल चोपड़ा को मानद उपाधि

तैयार होने में एक दूसरे की मदद करती छात्राएं।

फस्र्ट लुक : तैयार होने के बाद फोटोसेशन करती छात्राएं।

स्टील की तरह बनें: पाण्डेय

आज भिलाई के स्टील की तरह भिलाई के छात्र दुनिया के कोने-कोने में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। एक तरफ सीएसवीटीयू द्वारा प्रदान की गई डिग्रियों व मैडल से छात्र गौरान्वित महसूस कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसी शख्सियत हैं, जिन्हें उपाधि प्रदान कर सीएसवीटीयू गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

उद्योगपति बनें युवा : शेखर दत्त

प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक संसाधन, खनिज पदार्थ और मूल्यवान वन से सुशोभित किया है। इन सबके बावजूद हम उद्योग स्थापित करने में नाकामयाब रहे हैं। युवाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए आगे आना होगा। शिक्षा के क्षेत्र में पीपीपी का उदाहरण बीआईटी है। इस मॉडल के विस्तार की जरूरत है।

युवा वैज्ञानिक बनें : डा राधाकृष्णन

तीन महीने के अंतराल में इसरो के पेज को तीन लाख लोगों ने लाइक किया। यह इस धारणा को तोडऩे के लिए पर्याप्त है कि विज्ञान के प्रति युवाओं में रुचि नहीं। नासा की तुलना में भारत ने दो साल पहले मंगल अभियान को क्रियान्वित किया। वह भी अमेरिका के द्वारा चलाए अभियान के खर्च से दस गुना कम कम राशि में। यह वैज्ञानिक चेतना का प्रमाण है।

जानिए... दीक्षांत समारोह में आए सबसे महत्वपूर्ण लोगों ने युवाओं से क्या कहा