दो साल पहले बना संपवेल, अब बोर
सिटी रिपोर्टर - दुर्ग . आईएचएसडीपी आवासों में रहने वाले लोगों को शिफ्ट करने के महीनों बाद भी पानी सप्लाई की व्यवस्था बेहतर नहीं हुई है। यहां दो साल पहले पानी सप्लाई व्यवस्था के तहत 4 स्थानों पर संपवेल का निर्माण किया गया था। यहां पर हाल ही में बोर का खनन किया गया है। बोर को संपवेल से जोडऩे के बाद ही यहां पानी सप्लाई व्यवस्था शुरू हो पाएगी।
करीब 25 करोड़ रुपए की योजना के तहत उरला में बने 1638 आवासों के लिए पानी सप्लाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। योजना के तहत दो साल पहले सैकड़ों आवासों का निर्माण हो चुका था। यहां चार स्थानों पर पानी स्टोर करने संपवेल का निर्माण किया गया। लेकिन निगम प्रशासन ने यहां सिर्फ एक स्थान पर बोर खनन कराया। इसी बोर से यहां पानी की सप्लाई हो रही थी। स्थानीय नागरिकों की लगातार मांग के बाद निगम की लोक कर्म प्रभारी जयश्री जोशी ने हाल ही में दौरा करने के बाद यहां पर्याप्त पानी सप्लाई की व्यवस्था न होने पर निगम अफसरों से नाराजगी जताई। उनके निर्देश पर यहां शनिवार को एक स्थान पर बोर खनन किया गया। श्रीमती जोशी ने यहां कम से कम दो और बोर खनन करने के निर्देश दिए हैं। निगम के जलकार्य निरीक्षक नारायण ठाकुर ने बताया कि आईएचएसडीपी आवासों में पानी सप्लाई की व्यवस्था करने बोर खनन कराया गया था। डिमांड बढऩे पर अब एक और बोर खोदा गया है। यहां के भूजल स्रोत में भरपूर पानी उपलब्ध है। इसे संपवेल से जोड़कर पानी सप्लाई की व्यवस्था शीघ्र की जाएगी।
आईएचएसडीपी आवास की हकीकत लोग पानी के लिए परेशान
यहां कुछ ही दिन पहले बोर किया गया है।