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उभरने के पहले ही अस्त हो गया सितारा

7 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर - भिलाई
दुलेश्वरी ताइक्वांडो में शहर की उभरती सितारा थी। उसने मई 2013 में मुंबई में आयोजित इंडिया ओपन ताइक्वांडो कप व दिल्ली में जुलाई में आयोजित ओपन नार्थ जोन चैंपियनशिप में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया था। नियमित प्रैक्टिस के चलते पढ़ाई प्राइवेट कर रही थी।
गोदावरी बाई के मुताबिक तीन भाई-बहनों में दुलेश्वरी सबसे बड़ी थी। उसने कभी अपने को लड़कों से कम नहीं माना। करीब चार साल पूर्व उसने ताइक्वांडो खेलना शुरु किया। नियमित प्रैक्टिस के लिए भेलवा तालाब जाया करती थी। घर में भी दिनभर वह प्रैक्टिस ही करती रहती थी। मंगलवार को वह ताइक्वांडो क्लास जाने की तैयारी कर रही थी। यह बताते-बताते गोदावरी बाई गला भर आया और फूट-फूटकर रोने लगी। थोड़ा संभलने के बाद रुंधे गले से बताने लगी कि पति गंगा सिन्हा की तबियत ठीक नहीं थी। सुबह खाना बनाने व पूजा पाठ करने में इतना समय हो गया कि कॉलेज जाने के लिए पैदल निकलती तो शायद पहुंचने में देरी हो जाती। लिहाजा उसने बेटी दुलेश्वरी से क्लास जाने के पूर्व कॉलेज छोडऩे की बात कही। हर दिन बेटी कोसा नाला किनारे नेहरू नगर मार्ग से भेलवा तालाब जाती थी। लेकिन मंगलवार को ड्यूटी छोडऩे जाने के लिए सुपेला थाने के सामने से फोरलेन पार किया और सड़क हादसे का शिकार हो गई।



पुलिस बनना चाहती थी शहर की दुलेश्वरी

गोदावरी बाई के मुताबिक बेटी की इच्छा जरुरी पढ़ाई पूरी करने के बाद पुलिस बनने की थी। ताकि विभाग से जुड़ कर गरीब लोगों की मदद कर सके। इसके लिए उसने प्राइवेट पढ़ाई के साथ पुलिस बनने की तैयारी भी शुरु कर दी थी।