- Hindi News
- 13 साल से मरीजों के परिजनों को 3 रुपए में परोस रहे भोजन
13 साल से मरीजों के परिजनों को 3 रुपए में परोस रहे भोजन
हनीफ निजामी - दुर्ग
सादगी से जनसेवा और ईमानदारी की ताकत के साथ अन्नपूर्णा सेवा समिति के सदस्य 13 साल से मरीजों के परिजनों को सस्ता भोजन दे रहे हैं। बिना एक दिन नागा किए समिति के सदस्य सिर्फ 3 रुपए में मरीजों के रिश्तेदारों को भोजन उपलब्ध करवाते हैं। आसमान छूती महंगाई के बावजूद भोजन की थाली की दर नहीं बढ़ी।
सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की सेवा करने से पहले अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए आने वाले परिजन भोजन के लिए होटलों में भटकते थे। ज्यादा पैसे लेने के कारण परिजनों का होटल वालों से अक्सर विवाद की हालत देखकर जिला अस्पताल के रेडियोग्राफर दिनेश्वर साहू ने सहकर्मियों के साथ 2001 में अन्नपूर्णा सेवा समिति का गठन किया। समिति के सदस्यों ने अस्पताल परिसर में ही अस्पताल के क्वार्टरों के बगल में बने गैराज की जगह पर मरीजों के परिजनों को सिर्फ 3 रुपए में भोजन देने की व्यवस्था शुरू की। समिति ने 2004 में अस्पताल परिसर में ही आपसी सहयोग से 3 सौ वर्गफुट जमीन पर भवन का निर्माण कर लिया। नाम दिया गया अन्नपूर्णा भवन। इसी भवन में भोजन की व्यवस्था की गई। भवन निर्माण से लेकर भोजन तैयार करने और परोसने की पूरी व्यवस्था के लिए पैसों की व्यवस्था अस्पताल स्टाफ के लोग करते हैं। कई बार वकील, सामाजिक कार्यकर्ता सहित अन्य गणमान्य लोग भोजन व्यवस्था के लिए सहयोग देते हैं। खास बात ये है कि समिति ने इतने अरसे में किसी से भी रुपए, पैसों का सहयोग नहीं लिया।
सहयोग के रूप में जिला अस्पताल व स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर, नर्स, क्लर्क सहित अन्य लोग चावल, दाल, सब्जी आदि का सहयोग देते हैं। किसी से भी सहयोग मांगने की जरूरत नहीं पड़ती, यहां से आते जाते समिति से जुड़े लोगों को पता चलने पर वे भोजन के लिए चावल, दाल व तेल जैसी अन्य सामग्री की व्यवस्था कर देते हैं। समिति के प्रमुख कर्ताधर्ता दिनेश्वर साहू बताते हैं कि शुरुआत में करीब सौ से ज्यादा लोग भोजन करते थे। अब धीरे धीरे ये संख्या कम हो गई है। वर्तमान में हर दिन 40 से 50 लोग यहां सस्ता और स्वादिष्ट भोजन करते हैं। अन्नपूर्णा भवन में मरीजों के परिजनों को भोजन परोसने के लिए थाली, गिलास, बर्तन, कुर्सी, टेबल आदि भी खरीदा गया। भोजन परोसने का काम वे खुद भी करते हैं।
कूपन सिस्टम ताकि भोजन बर्बाद न हो
मरीजों के परिजनों को सस्ता भोजन देने के लिए कूपन सिस्टम की व्यवस्था की गई है। सस्ते भोजन के लिए समिति ने सुबह 9 से 11 बजे व शाम 4 से 6 बजे के बीच परिजनों को कूपन देने की व्यवस्था की है। कूपन लेने जितने लोग आते हैं, उतने ही लोगों के लिए ही भोजन तैयार कराया जाता है। ताकि भोजन की बर्बादी न हो।
राज्य सरकार ने 2004 से शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर दाल भात सेंटर खोले थे। इन सेंटरों में 5 रुपए में भोजन देने की व्यवस्था की गई। सस्ती दर पर चावल, दाल व सब्जी उपलब्ध कराने वाले दाल भात सेंटर चंद महीने या साल बाद ही बंद हो गए। बिना सरकारी मदद लिए 13 साल से अन्नपूर्णा सेवा समिति के सदस्य मरीजों को 3 रुपए में भोजन दे रहा है।
कोई सरकारी मदद नहीं