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स्थानीय मुद्दों पर प्रत्याशी चुप, मतदाता भी खामोश

8 वर्ष पहले
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भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने जोर लगा रहे हैं।
सिटी रिपोर्टर - दुर्ग
लोकसभा चुनाव के लिए मतदान की तिथि करीब आ रही है लेकिन गली, मोहल्लों में चुनाव का रंग अब तक नहीं चढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही स्थिति है। चुनाव को लेकर मतदाताओं का रूझान अस्पष्ट होने से प्रत्याशियों की चिंता बढ़ गई है।
लोकसभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के पहले तक भाजपा व कांग्रेस के नेता कई मुद्दों पर बयानबाजी कर रहे थे। तमाम मुद्दे अब गायब हो चुके हैं। चुनाव के केंद्र में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ही रह गए हैं। मोदी की चर्चा भाजपा व कांग्रेस दोनों के नेता कर रहे हैं। भाजपा के नेता जहां मोदी लहर होने का दावा कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस के नेता अन्य मुद्दों को छोड़कर मोदी लहर नहीं होने की बात कर रहे हैं। इस तरह चुनाव के केंद्र में मोदी ही रह गए हैं। लेकिन मतदाताओं में छाई खामोशी से कुछ भी पता नहीं चल रहा है। भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों ने शहरी क्षेत्र में चुनाव प्रचार के बाद ग्रामीण क्षेत्र में पूरी ताकत झोंक दी है।
भाजपा प्रत्याशी सरोज पांडेय दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के बाद पाटन क्षेत्र में ताबड़तोड़ दौरा कर रही हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ताम्रध्वज साहू नवागढ़ व बेमेतरा क्षेत्र के बाद दोबारा दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में दौरे पर निकल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव का माहौल कहीं नहीं दिख रहा है।
दूरदराज के गांव ही नहीं बल्कि शहरी क्षेत्र से लगे गांवों अंडा, कुथरैल, निकुम, रसमड़ा, नगपुरा, बेलौदी, मालूद समेत आसपास के गांवों में भी चुनाव माहौल गायब है। ग्रामीण अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त हैं।




दुर्ग में अब तक नहीं हुई है बड़ी सभा

अब तक दोनों दलों ने किसी बड़ी सभा का आयोजन नहीं किया है। भाजपा में प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी की सभा होने की चर्चा है। संभवत: उनकी सभा 18 अपै्रल के आसपास हो सकती है। कांग्रेस में स्टार प्रचारक कौन आ रहे हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी समेत कुछ अन्य बड़े नेता सभाएं ले सकते हैं।



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