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बीज उपचार की घरेलू विधि सीखी

Dainik Bhaskar

Jul 01, 2013, 10:00 AM IST

Kanker News - कांकेर-!- धनेलीकन्हार क्षेत्र के किसानों ने घरेलू विधि से बीजोपचार करने की प्रक्रिया सीखी। कृषि विभाग के...

बीज उपचार की घरेलू विधि सीखी
कांकेर-!- धनेलीकन्हार क्षेत्र के किसानों ने घरेलू विधि से बीजोपचार करने की प्रक्रिया सीखी। कृषि विभाग के कर्मचारियों ने इस विधि का प्रदर्शन शिविर में उपस्थित किसानों के सहयोग से किया।
धान की बुआई या थरहा तैयार करने से पूर्व यदि धान के बीज का उपचार कर लिया जाए तो अ'छे एवं उत्पादक बीज की प्राप्ति हो सकती है, और फसल भी अ'छी प्राप्त होती है।नमक के घोल में बीज डालकर उपचारित करने की प्रक्रिया में दस लीटर पानी में 17 प्रतिशत अर्थात एक किलो सात सौ ग्राम नमक को घोल लिया जाता है। इस घोल में 10 किलो तक धान के बीज, जिससे पौधे तैयार किए जाने है कि सफाई कर डूबो दिया जाता है। बीज को नमक में घोल में डुबोने के पश्चात अ'छी तरह से हिला कर पांच मिनट तक ऐसे ही छोड़ दिया जाता है। कुछ देर के बाद अ'छे और भरे हुए बीज बर्जन के नीचे बैठ जाते हैं और पोचुआ व अनुत्पादक बीज ऊपर तैरने लगते हैं।
इन बीजों को हटाकर नीचे बैठे बीजों को धूप में सुखाकर थरहा तैयार करने अथवा बुआई के लिए इन बीजों का उपयोग किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के बाद प्राप्त बीजों की उत्पादक क्षमता सही होती है व किसान को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है। पानी की मात्रा बीज की मात्रा के हिसाब से बढ़ाई जा सकती है। किंतु नमक की मात्रा 17 प्रतिशत ही रखी जानी चाहिए।
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