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रबी के लिए पानी नहीं किसान असमंजस में

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज-!-भेण्डरी नवापारा
अंचल के कुल कृषि रकबा का एक तिहाई हिस्सा प्रतिवर्ष रबी फसल के रूप में दोहरी फसल का लाभ लेने वाला क्षेत्र इस वर्ष सिंचाई विभाग की चुप्पी के चलते असमंजस की स्थिति में है। टुकड़े-टुकड़े में कुछेक एकड़ में रबी की हलचल ऐसे खेतों में दिखाई दे रही है जो स्व सिंचित किसान हैं।
इनके बोर-ट्यूबवेल या कुआं रबी की धान के लिए पानी की आपूर्ति करते हैं। वहीं प्रतिवर्ष खरीफ फसल की कटाई के बाद अपेक्षित ठण्ड पडऩे के साथ पर्याप्त ओस से खेतों में रबी फसल के लिए अनुकूल वातावरण का इस वर्ष सर्वथा अभाव है।
ग्रामीणों के अनुसार जनवरी के पहले सप्ताह गुजरने के बाद भी कड़कड़ाती ठण्ड एवं पाला नहीं पड़ रहा है। दूसरी ओर किसान अपने पूर्व अनुभव के कारण विभागीय चुप्पी के कारण रबी की फसल को लेकर अनमने सिंचाई विभाग के किसी आदेश के इंतजार में बैठे हैं।
धमतरी जिले के अंतर्गत यह क्षेत्र टेल एरिया होने के कारण एवं रबी के लिए आबंटित पानी गरियाबंद जिले के बांध से होने के साथ दोनों जिलों के एक ही विभाग के अधिकारियों के बीच तालमेल न होने एवं नहर-नाली के जीर्णोद्धार नहीं होने से बीते वर्षों में इन किसानों ने रबी में नुकसान उठाया है। सबसे दुखद स्थिति माह मार्च-अप्रेल में धान की गर्भावस्था के दौरान जब उसे पानी की अधिक आवश्यकता होती है तब बांध से पानी बहुत कम मात्रा में मिलता है या नहीं मिलता, जिसके कारण किसानों की खड़ी फसल झुलस जाती है।
बुड़ेनी के रामआसरा निषाद, दयालू निषाद, लेडग़ा साहू, सुखदेव पटेल, अग्नू साहू, शिवनंदन निषाद, नूकुमार यादव, चैतराम साहू आदि ने रबी फसल के लिए निश्चित पानी आपूर्ति के ठोस आश्वासन के बाद ही निर्णय लिया जायेगा।
नहर अध्यक्ष हृदयराम साहू के अनुसार विभाग को टेल एरिया होने के कारण रबी के लिए पानी की आपूर्ति भेण्डरी तक निश्चित करनी ही चाहिए। गत वर्ष इससे निचले क्षेत्र में पानी पहुंचाने के सभी प्रयास असफल रहे थे।