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नियमों को ठेंगा, सड़कों पर बैठा रहे हैं सवारी
ट्रैफिक विभाग कार्रवाई की बात करता है पर कार्रवाई नहीं करता
भास्कर न्यूज - कांकेर
शहर में बस स्टैंड के अलावा कुछ जगहों पर बसों के स्टापेज बनाए गए है लेकिन बस के साथ टैक्सी वाले जगह जगह सारे नियमों को धता बताते सड़क पर ही जहां-तहां वाहन रोककर सवारी भरती है। इससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है तथा ट्रैफिक भी प्रभावित होता रहता है। इसकी वजह से आवागमन प्रभावित तो होता ही है तथा दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है।
बस स्टैंड के अलावा यात्रियों के लिए रायपुर मार्ग में स्टापेज मस्जिद चौक, पेट्रोल पंप व घड़ी चौक में बनाया गया है। साथ ही रायपुर से वापसी के दौरान अग्रसेन चौक, पंडरी पानी व दुधावा चौक को स्टापेज बनाया गया है। स्टापेज बनाए जाने के बावजूद बस तथा टैक्सी संचालक सड़क पर जहां सवारी मिलती है सारे नियमों को धता बताकर ब्रेक मारते हैं तथा रोककर चढ़ाते हैं।
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इसकी वजह से मार्ग में आवागमन प्रभावित होता है तथा दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है। भास्कर ने जायजा लिया तो बसें तथा टैक्सियां जिला अस्पताल के पास गांधी उद्यान के समक्ष, ऊपर नीचे मार्ग के डढिय़ा तालाब के समक्ष, जवाहर वार्ड के मेनोनाइट चर्च, शासकीय पीजी कालेज के पास अक्सर रोक कर सवारी चढ़ाती है। शहर के इन सभी स्थानों में ट्रैफिक का दबाव रहता है साथ ही सड़क भी संकरी है। सड़कों पर खुलेआम बस तथा टैक्सी संचालक नियमों को धता बताते हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
सवारियों के साथ पक्षपात : पूरी व्यवस्था को बस तथा टैक्सी संचालक अपने स्वार्थ के लिए बिगाड़ रहे हैं। सवारी चढ़ानी हो तो इनके लिए कोई नियम लागू नहीं होते, लेकिन अगर किसी स्थान पर सवारी उतरना चाहे तो कितनी भी आपात स्थिति हो नियमों का हवाला देते बस नहीं रोकी जाती है।
इनकमिंग 100 तो आउटगोइंग मात्र 20 किमी
बसें जब जगदलपुर या रायपुर मार्ग से आती हैं तो बस स्टैंड तक बसों की गति 100 किमी प्रति घंटे से अधिक ही रहती है क्योंकि उनके टाइमिंग का चक्कर रहता है, लेकिन जब यही बस बस स्टैंड से छूटती है तो शहर सीमा पार करते समय बैलगाड़ी की गति से सिर्फ सवारी भरने के उद्देश्य से चलती है। पहले गति अधिक होने तथा बाद में गति एकदम धीमी होने यानी दोनों ही कारणों से सड़क पद बसों की वजह से आवागमन प्रभावित होता है।
कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए
निलय सिंह परिहार, शुभम शुक्ला, दुष्यंत पटेल, कवींद्र सेन, अभय महापात्र व दौलत कोड़ोपी का कहना है कि बस स्टैंड व स्टापेज के अलावा अन्य जगह पर सवारी भरने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए क्योंकि इनकी वजह से आवागमन प्रभावित होता है। साथ ही शहर से गुजरते समय वाहनों की गति को भी नियंत्रित किए जाने की जरूरत है।
नियमों को तोड़ा तो करेंगे सख्ती
॥बस स्टैंड व स्टापेज में ही यात्री वाहनो को सवारी भरे जाने का प्रावधान है। यातायात विभाग इस संबंध में गंभीर है। पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है तथा आगे भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।ञ्जञ्ज
दयालुराम साहू,
सहायक यातायात प्रभारी, कांकेर