पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • शेष पोल के कारण हो रहीं दुर्घटनाएं

शेष पोल के कारण हो रहीं दुर्घटनाएं

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - कांकेर
कम्युनिटी हाल के पास गौरवपथ मार्ग में बिजली पोल शिफ्ट तो किए गए लेकिन पोल का ठूंठ अभी तक नहीं हटाए गए हैं जिससे आए दिन दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। वार्डवासियों ने अनेक विभाग को बिजली पोल के ठूंठ हटाने ध्यानाकर्षण कराया लेकिन उनके द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शनिवार शाम एक ट्रक कम्युनिटी हाल के पास ऐसे ही एक बिजली पोल के ठूंठ के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
कम्युनिटी हाल के पास गौरव पथ की खराब स्थिति है। बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। बिजली पोल के ठूंठ और ज्यादा परेशानी बढ़ा रहे हैं। कम्युनिटी हाल के पास चार जगह पर बिजली पोल के ठूंठ जमीन पर गड़े हुए हैं। 11 जनवरी की शाम रायपुर की ओर जा रही एक ट्रक बिजली पोल के ठूंठ पर जाकर चढ़ गई जिससे बिजली पोल का लोहे का टुकड़ा चारों ओर बिखर गया और आसपास के दुकानों में जाकर पड़ा। इस तरह की दुर्घटना पहली बार नहीं हुई है। इस तरह की दुर्घटना आए दिन की कहानी है। कई बार तो वाहन चालक बिजली पोल के ठूंठ को देख नहीं पाते हैं और जाकर टकरा जाते हैं। इन्हें हटाने लंबे समय से आसपास के लोग मांग कर रहे हैं लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शेष पेज 16 पर


तीन वर्ष पहले जब मार्ग में गौरवपथ का निर्माण हुआ था तब बिजली पोल को हटाने का काम विद्युत विभाग तथा नगरपालिका ने किया था लेकिन आज तक ठूंठ को नहीं हटाया गया है। दोनों ही विभाग इस लापरवाही के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार बता रहे हैं। सुभाष जैन, नरेश सोनी, राहुल गुप्ता, सुनील साहू, रोमनाथ जैन, लक्ष्मीनारायण जैन, सुरेश कुमार बरिहा ने कहा सड़क निर्माण में बिजली पोल को शिफ्टिंग के दौरान लापरवाही की गई और बिजली पोल को पूरी तरह से नहीं काटा गया। अब जब नए सिरे से मार्ग की मरम्मत होनी है तो इस पर ध्यान देना चाहिए। चंद्र कांती पटेल ने कहा अधूरे बिजली पोल के ठूंठ के कारण वाहन चालकों के साथ राहगीरों के लिए भी परेशानी का कारण बना हुआ है।




मरम्मत के दौरान हटाएंगे

॥नए सिरे से जब लोक निर्माण विभाग द्वारा जब गौरवपथ मरम्मत कार्य किया जाएगा तब आवागमन को बाधित करने वाले बिजली पोल के ठूंठों को हटा कर सड़क को लेबल किया जाएगा।ञ्जञ्ज

एके पांडे, सब इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग, कांकेर