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शहर सीमा में 17, हाईवे पर गईं 9 जानें

8 वर्ष पहले
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बायपास रोड जरुरी होने के बाद भी सालों से अटका, युवा कह रहे अनदेखी की हद हुई।
भास्कर न्यूज - धमतरी
कोतवाली थाना क्षेत्र यानी शहर सीमा में बीते वर्ष 94 एक्सीडेंट हुए। दुर्घटनाओं में 17 लोगों को जान गंवानी पड़ी। इनमें से 50 दुर्घटनाएं शहर से गुजरे नेशनल हाईवे में हुई। हादसे में 9 लोगों की जान गई, 18 घायल हुए, वहीं 2 को गंभीर चोट आई। नेशनल हाइवे 30 में दुर्घटनाओं का आकड़ा बढ़ते ही जा रहा है। वाहनों का दबाव इतना बढ़ा कि लोग भी अब इस रोड में पहुंचते ही डरने लगे हैं। बायपास यदि बन जाए तो दुर्घटनाओं में अंकुश लगना तय है। इधर शहर की पहली आवश्यकता पूरी नहीं होने से युवा वर्ग में आक्रोश है। अनदेखी से त्रस्त युवा जनआंदोलन का आह्वान कर रहे हैं।
बेमौत मारे जा रहे
अरौद निवासी प्रीयेश निषाद का कहना है कि बायपास नहीं बन पाने के कारण ही लोग बेमौत मारे जा रहे। वाहनों की संख्या एवं रफ्तार को देख ग्रामीण भी दहशत में आ जाते हैं। खुद सावधानी से गाड़ी चलाएं फिर भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। नागरिक जरुरतों की अनदेखी में जनप्रतिनिधि ही दोषी है, क्योंकि जनता के वे चुने हुए प्रतिनिधि हैं।
मुश्किल लग रहा
छात्र अंकुश नंदा ने कहा कि शहरवासियों के साथ बाहरी लोगों की जान जोखिम में है। इसका एकमात्र रास्ता बायपास रोड है। जनप्रतिनिधि गंभीरता से इस मामले को नहीं लिए वरना कब का बायपास बन जाता। क्षेत्र में राजनीति शुरु हो जाने से बायपास मुश्किल लग रहा है। सरकार को जनहित को देख स्वयं पहल करना चाहिए,अन्यथा मौत का आंकड़ा बढ़ता रहेगा।
शहर का दुर्भाग्य
छात्र सूरज कुमार नाग ने बताया कि शहर से निकलने का प्रमुख रास्ता एनएच 30 ही है। आवागमन का एकमात्र रास्ता होने से ट्रैफिक दबाव बहुत ज्यादा रहता है। बढ़ती जनसंख्या के कारण हाइवे खतरनाक हो गया है।



धमतरी. बायपास मांग को ले कांग्रेस का धरना 12 वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष घामेश्वरी साहू, योगेश बाबर, मीना बैगा नाग, हेमलता ध्रुव, सुशांत कानपिल्लेवार, विनोद राठौर, दुर्जन सिंह ठाकुर, राधा तेलासी, लक्ष्मी ध्रुव भूख हड़ताल पर बैठी रही।



पीड़ा - बायपास के अभाव में कई घरों के बुझे चिराग, अब तक मंजूरी नहीं मिलना शहर का दुर्भाग्य