पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ७ करोड़ से अधिक कर्ज

७ करोड़ से अधिक कर्ज

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
ग्रीष्मकालीन खेती के लिए जिले के 3076 किसानों ने नकदी 6 करोड़ 7 लाख 61 हजार रुपए कर्ज लिया है। सामग्री के लिए 1 करोड़ 73 लाख 37 हजार रुपए दिया गया है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित धमतरी, संबलपुर, नगरी, मगरलोड, बड़ी करेली, कुरूद, मरौद, भखारा और कोर्रा समिति क्षेत्र के किसानों ने 7 करोड़ 80 लाख 98 हजार रुपए का कर्ज लेकर खेती-किसानी कर रहे हैं।




धमतरी. रुद्री बॅराज से मुख्य नहर में सिंचाई के लिए छोड़ा जा रहा पानी।

किसानों ने खरीदा खाद

ग्रीष्मकालीन धान फसल का उत्पादन लेने के लिए धमतरी, संबलपुर, नगरी, मगरलोड, बड़ी करेली, कुरूद, मरौद, भखारा और कोर्रा शाखा के 83 केन्द्रों में किसानों ने खाद खरीदकर स्टाक कर लिया है। सोसायटियों के माध्यम से किसानों को अब तक यूरिया 542 टन, सुपर फास्टफेट 142 टन, डीएपी 477 टन, पोटाश 67 टन, एनपीके 35 टन वितरण किया जा चुका है।



धमतरी. क्षेत्र में रबी की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। ट्रैक्टर से खेत की मताई करता किसान।

दलहन के लिए प्रोत्साहन

॥ग्रीष्मकालीन खेती में दलहन-तिलहन के लिए किसानों को अधिकाधिक प्रेरित किया गया है। विभाग की ओर से बीज बांटा गया है। यही वजह है कि इस साल धान उत्पादन का रकबा पिछले वर्ष की अपेक्षा कम है।ञ्जञ्ज

कपिल देव दीपक, कृषि उपसंचालक



कटौती - 6 हजार हेक्टेयर कम हुआ क्षेत्र, दलहन-तिलहन को ज्यादा महत्व



सिंचाई पानी के बावजूद कम हुआ धान का रकबा

गंगरेल बांध का सिंचाई पानी नहीं बढ़ा पाया ग्रीष्मकालीन धान खेती का रकबा। खेती में कम हुई दिलचस्पी। इस बार 6 हजार हेक्टेयर कम हुआ रकबा।

भास्कर न्यूज - धमतरी

ग्रीष्मकालीन धान खेती के लिए गंगरेल बांध से पानी देने की घोषणा के बाद इस साल खेती का रकबा बढऩे की उम्मीद थी। नहर किनारे स्थित किसानों ने खरीफ फसल की कटाई-मिंजाई के बाद ग्रीष्मकालीन धान फसल लेने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन समय रहते बांध से पानी नहीं छोड़ा गया। ऐसे में ज्यादातर किसान चने की फसल लगा लिए। यही वजह है कि इस साल सिंचाई पानी की लेटलतीफी से किसानों ने धान को महत्व नहीं दिया।

कृषि उपसंचालक कपिल देव दीपक ने बताया कि पिछले वर्ष मोटरपंप सुविधायुक्त किसानों ने ग्रीष्मकालीन धान 53 हजार हेक्टेयर में लिया था। इस साल बांध से सिंचाई पानी और मोटरपंप सुविधा वाले किसानों को मिलाकर जिले में 47 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान लिया जाएगा। 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नहर किनारे के खेतों में फसल लिया जा रहा है। 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल लगी है। धान, चना, दलहन-तिलहन, सब्जी समेत सभी फसलों को मिलाकर 98 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन फसल लिया जा रहा है।