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टूटी टंकी से पी रहे पानी, नई टंकी लगाने की फुर्सत नहीं

8 वर्ष पहले
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नई टंकी पड़ी है कक्ष में कबाड़ की तरह। असामाजिक तत्वों से छात्राओं को खतरा। स्कूल प्रबंधन गंभीर नहीं।
भास्कर न्यूज - धमतरी
शासकीय प्राथमिक कन्या शाला स्कूल में अध्ययनरत छात्राओं की प्यास बुझाने एक सिंटेक्स टंकी लगाई गई है। यह टंकी टूटी हुई है। पानी भरते ही टंकी से पानी निकलते रहता है, जिससे छात्राओं को पानी पीने में काफी परेशानी होती है। टंकी में टोटी का पता नहीं है। जब टंकी में पानी की मात्रा कम हो जाती है, तो छात्राएं भीड़ में इकट्ठी होकर टूटे हुए एरिया से पानी निकालती हैं, जिससे धारदार पाईप से खतरा बना रहता है। स्कूल प्रबंधन गंभीर नहीं है।
कबाड़ की तरह नई टंकी
टूटी हुई सिंटेक्स टंकी को बदलने के लिए स्कूल में नई टंकी लाई गई है। बदलने के बजाए उसे स्कूल भवन में कबाड़ की तरह रखा गया है। छात्राएं टूटी हुई टंकी से बमुश्किल पानी पीती है। टंकी टूटे होने की वजह से अधिकांश छात्राओं का मध्यान्ह भोजन खाने के बाद ड्रेस गीली हो जाती है। इसके बावजूद टंकी मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
असामाजिक तत्वों का खतरा
स्कूल प्रबंधन छात्राओं की सेहत को लेकर गंभीर नहीं है। टूटी टंकी से गंदगी पेयजल में जा रही है,जिससे पानी गंदा हो रहा है। उसी पानी को छात्राएं पेयजल के रूप में उपयोग कर रही है। असामाजिक तत्वों का भी खतरा बना हुआ है।




धमतरी. स्टोर रूम में पड़ी नई टंकी। दो महीने बाद भी नहीं हटाई गई पुरानी टूटी टंकी।

समस्या को लेकर स्कूल प्रबंधन गंभीर नहीं, छात्राओं की सेहत पर मंडरा रहा खतरा, पानी की हो रही बर्बादी, मरम्मत की ओर ध्यान नहीं