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हमाल- तौलैय्या हड़ताल पर, मंडी में खरीदी बंद

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - राजनांदगांव
कृषि उपज मंडी में धान तौलने वाले हमाल मंगलवार से हड़ताल पर चले गए हंै। विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से मंडी में धान की खरीदी बंद हो गई है। कई किसानों को यहां से बैरंग लौटना पड़ रहा है। बताया गया कि आने वाले समय में यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होगी तो मंडी प्रशासन की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हंै।
ये हमाल तौलैय्या संघ के बैनर तले मंडी के मुख्य द्वार पर बैठे हैं। संघ ने छत्तीसगढ़ राज्य मानवाधिकार आयोग को भी इस संबंध में पत्र भेजा है। संघ के अध्यक्ष घनश्याम दास निर्मलकर ने बताया कि तौलैय्या संघ के द्वारा कार्य के बदले पारिश्रमिक में वृद्ध किए जाने व धान की भरती ४० किलो व कठानी की भरती ५० किलो किए जाने की मांग रखी गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंडी प्रशासन को जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया।
अध्यक्ष निर्मलकर ने बताया कि वर्तमान में धान तौलने वाले हमाल को २.२० रुपए प्रति बोरा पारिश्रमिक मिलता है। इसे बढ़ा २.६० रुपए किए जाने की मांग उन्होंने रखी है। तौल के लिए निर्धारित वजन को भी घटाया जाना चाहिए। धान की तौलाई ४० किलो और कठानी की भर्ती ५० किलो करने की मांग उन्होंने रखी है।
जीना मुश्किल है
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में इतने कम पारिश्रमिक दर पर जीवन जीना मुश्किल हो गया है। रोजी-रोटी चलाना व परिवार का पेट पालना दूभर हो गया है। इस वजह से उन्होंने बेमियादी हड़ताल का निर्णय लिया है। उनकी मांगें जब तक पूरी नहीं होगी, वे इसी तरह हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
मांगपत्र पर विचार नहीं
उन्होंने बताया कि पूर्व में मंडी प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई थी। जिस पर प्रशासन ने विचार नहीं किया। इसी वजह से उन्होंने बेमियादी हड़ताल पर बैठना पड़ा। उनका कहना है कि अब काम ठप हो या कुछ भी हो जब तक मांग पूरी नहीं होगी वे हड़ताल नहीं छोड़ेंगे।
मांग जायज नहीं
इस संबंध में कृषि उपज मंडी के सचिव आरके देशमुख ने संघ की मांग को जायज नहीं बताया। उन्होंने कहा कि वे बोरे की भर्ती को कम करने और पारिश्रमिक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। जबकि हर साल उनका पारिश्रमिक बढ़ाया जाता है।



मंडी परिसर के सामने बेमियादी हड़ताल पर हमला और तौलैय्या संघ के पदाधिकारी।

हड़ताल - तौलैय्या हमाल संघ ने अपनी मांगों को लेकर काम बंद किया