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ड्यूटी से नदारद चार डाक्टर होंगे सस्पेंड
महासमुंद के जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण पर पहुंचे हेल्थ कमिश्नर प्रताप सिंह ने आपरेशन थिएटर का भी अवलोकन किया।
हेल्थ कमिश्नर का कहना है कि विलंब से आने वाले स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा है कि कोई भी व्यक्ति सीधे चिकित्सकों के साथ कर्मचारियों की उपस्थिति की जानकारी एसएमएस के जरिए उन तक भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल के रेफर सेंटर होने की जानकारी उन्हें है लेकिन विवशतावश इसमें सुधार नहीं किया जा पा रहा है। लगातार चिकित्सकों के पद रिक्त हो रहे हैं। इसे दूर करने के लिए जल्द ही पांच सौ से भी अधिक पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए जाएंगे। महासमुंद अस्पताल में निश्चेतना विशेषज्ञ नहीं होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। भर्ती की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस समस्या से भी छुटकारा मिल सकेगा। टेलीमेडिसीन की उपयोगिता पर मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि 108 की सुविधा प्रारंभ होने के कारण अब इसकी अधिक आवश्यकता नहीं रह गई है। पुराना अस्पताल में चल रहे नेत्र शिविर के विषय में उन्होंने कहा कि बागबाहरा समेत राज्य के दूसरे हिस्सों में हुई नेत्रकांड की घटना से विभाग काफी चौकसी बरतने लगा है और जहां पर पूरी व्यवस्था है वहीं शिविर की बात कही जा रही है। यह भी तय कर दिया गया है कि एक चिकित्सक एक दिन में कितने नेत्र आपरेशन कर सकेगा। उन्होंने बताया कि बागबाहरा की घटना को देखते हुए जिले में अब कहीं भी नेत्र और लैंस प्रत्यारोपण शिविर का आयोजन नहीं किया जा रहा है बल्कि उन स्थानों में नेत्र जांच शिविर आयोजित की जा रही है। यहां से चिन्हित मरीजों को सर्वसुविधायुक्त अस्पताल में लैंस प्रत्यारोपण की सुविधा दी जाएगी।
नेत्र शिविरों के आयोजन पर बरती जा रही चौकसी
खुलासा - ज्वाइनिंग के बाद दो साल से अस्पताल नहीं आए डाक्टर
भास्कर न्यूज - महासमुंद
छत्तीसगढ़ के हेल्थ कमिश्नर प्रताप सिंह गुरुवार को महासमुंद पहुंचे। देर से अस्पताल पहुंचने वाले चिकित्सकों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अब वेतन कटेगा। इधर, ज्वाइनिंग के दो साल बाद भी अस्पताल नहीं पहुंचने वाले चार चिकित्सक उत्पल चंद्राकर, विजय कौशिक, उषा ध्रुव और एसपी टेकाम को सस्पेंड करने की अनुशंसा करते हुए उन्होंने बताया कि जल्द ही पांच सौ से अधिक सर्जनों की नियुक्ति करने तैयारी शुरू की गई है।
जिला अस्पताल से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए हेल्थ कमिश्नर प्रताप सिंह अचानक यहां पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के शौचालयों में मौजूद गंदगी को देखकर सीएमएचओ और सिविल सर्जन के प्रति नाराजगी जाहिर की और कहा कि यह व्यवस्था अस्पतालों की है तो गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता का क्या हाल होगा इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने अस्पताल संबंधी दस्तावेजों का भी अवलोकन किया और खामियों पर अफसरों को हिदायत दी। इसके पहले ओपीडी, आईपीडी और ओटी कक्ष में मौजूद मरीजों से उन्होंने सवाल-जवाब किए। कलेक्टर दर पर चार स्वीपर रखने की बात कही।
दो माह के भीतर खुल जाएगा डेंटल क्लिनिक
जिला अस्पताल में दांत के मरीजों के लिए जल्द ही डेंटल क्लिनिक खोलने के भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि इसमें दो महीने का समय लगेगा।