- Hindi News
- सीएम को राष्ट्रीय एवार्ड मिला किन्तु मनरेगा मजदूर खाली हाथ
सीएम को राष्ट्रीय एवार्ड मिला किन्तु मनरेगा मजदूर खाली हाथ
जिले के 24619 परिवारों के 2 लाख 9 हजार 611 मजदूरों को नसीब नहीं हुआ 15 दिन का काम।
भास्कर न्यूज - धमतरी
मनरेगा मजदूरों को अधिकाधिक रोजगार दिलाने के नाम पर सीएम को मिलेगा राष्ट्रीय एवार्ड। जिले के पंजीकृत मनरेगा मजदूर तरस रहे काम को। 24 हजार 619 परिवारों को मिला सिर्फ 15 दिन का काम।
मनरेगा योजना के तहत बेहतर रोजगार दिलाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री को मनरेगा दिवस पर 2 फरवरी को राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय एवार्ड मिलेगा। इसे उपलब्धि से लोग गद्गद हैं, लेकिन जिले के अधिकारियों ने सीएम के इस मिशन को चूना लगा रखा है। हकीकत सबके सामने है। कभी धमतरी जिला पंचायत मनरेगा के मामले में प्रदेश में अव्वल होता था लेकिन इस बार पंजीकृत हजारों मजदूरों को सालभर में सिर्फ 15 दिन का ही काम दिलाने को लेकर चर्चा में है। जिले के कई मजदूर परिवार काम के लिए तरस रहे हैं लेकिन यहां के जिम्मेदार चुनावी सीजन या अन्य दिक्कतों की आड़ में काम देने से परहेज कर रहे हैं। यही वजह है कि मजदूरों के हाथों को काम नहीं मिला, जिससे वे अधिकांश दिन खाली बैठे रहे। काम नहीं मिलने से पंजीकृत ग्रामीण मजदूरों को काम की तलाश में शहर की ओर रूख करना पड़ा। मनरेगा ऑनलाईन के अनुसार जिले के धमतरी ब्लाक में पंजीकृत 5952 परिवारों के 48 हजार 615 मजदूरों को 15 दिन से भी कम काम मिला। कुरूद ब्लाक के 9299 परिवारों के 79 हजार 58 मजदूरों को अधिकांश दिन खाली रहना पड़ा। मगरलोड के 3860 परिवारों के 34 हजार 841 मजदूरों को और नगरी के पंजीकृत 5508 परिवारों के 47 हजार 97 मजदूरों को 15 दिन से भी कम काम मिला। जिले के 24619 परिवारों के 2 लाख 9 हजार 611 मजदूरों को नाममात्र के काम मिले।
कुरूद सबसे पीछे : मनरेगा योजना के तहत पंजीकृत परिवारों को 100 दिन का रोजगार दिलाने में कुरूद ब्लाक सबसे पीछे रहा। यहां के मात्र 7275 मजदूरों को ही पर्याप्त काम मिला।
गारंटी है१५० दिन की
मनरेगा में प्रत्येक पंजीकृत परिवार को एक साल में १५० दिन काम की गारंटी है। इनमें १०० दिवस केंद्र का है और ५० दिवस राज्य सरकार का। जिले में इसका पालन कराने में पिछले वर्षो से प्रशासन पिछलग्गू बना हुआ है।
मजदूर ही नहीं आते
॥जिले में मनरेगा के काम गांव-गांव में खुले हैं। मजदूर ही काम करने नहीं आते। ञ्जञ्ज
नवल सिंह मंडावी, कलेक्टर धमतरी