दो नाबालिगों ने किए थे जेवरात-नकदी पार
नवापारा राजिम की ओम शांति कालोनी में मंगलवार को दिनदहाड़े हुई दो लाख से अधिक की चोरी का मामला खुला
भास्कर न्यूज - नवापारा राजिम
मंगलवार को ओम शांति कालोनी स्थित सूने घर से ताला तोड़कर जेवरात एवं नगदी के रूप में दो लाख से अधिक की चोरी करने वाले चोरों का सुराग आखिर पुलिस ने ढूंढ ही लिया। चोरी में लिप्त दो नाबालिग सगे भाइयों में से एक कोहिनूर पिता प्रेम देवार पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। जबकि दूसरा लाखन देवार शाम तक रायपुर क्राइम ब्रांच एवं स्थानीय पुलिस की आंखों में धूल झोंकते भागता फिर रहा था।
पुलिस ने किया कि उसे भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा। गुरुवार को उक्त घटना की जानकारी होते ही नगर की इस तरह की कालोनियों में हड़कंप मची रही। प्राय: पुलिस की असफलता विशेषकर चोरी जैसे मामले में इस रिपोर्ट के दर्ज होने के बाद दिनदहाड़े घटी उक्त घटना को पुलिस की प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए थाना प्रभारी श्री खोखर ने प्रधान आरक्षक घनश्यामसिंह कंवर को चोरी की पतासाजी में लगाया।
श्री कंवर ने सबसे पहले अपने मुखबिरों को सक्रिय किया। इसके बाद मोडस अपरेंडी के तहत चोरी में इस्तेमाल किया गया औजार, ताले तोडऩे का तरीका तथा घटनास्थल पर छोड़े जेवरात सहित आरोपियों के पैरों के निशान से घटना के दौरान उनके नशे में होने की के साथ चोरी में दो लोगों के शामिल होने का संदेह किया।
इस तरह बुधवार को इस पर मंथन चलता रहा। इस दौरान रायपुर क्राइम ब्रांच भी सक्रिय रही। अंतत: गुरुवार को पहट 5 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सिंधी कालोनी के पीछे निवासरत प्रेम देवार के घर दबिश दी। संदेही की पतासाजी में उसका नदी की ओर जाना बताया गया। तत्काल पुलिस नदी तट पहुंची। जहां आरोपी कोहिनूर पुलिस को देख भागने लगा। जिसे दौड़ाकर पकड़ सीधे थाना लाया गया। जहां प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपने भाई लाखन के साथ मिलकर चोरी करना कबूल करते हुए चोरी गये जेवरात व नगदी अपने भाई लाखन के पास होने की जानकारी देते हुए उसके मंडी के पीछे सूने गोदाम में छिपा होने की जानकारी दी।
पुलिस को देख दीवार चढ़ फरार
पुलिस वहां पहुंची तो आरोपी 12 फुट की दीवाल पर पेशेवर तरीके से चढ़कर दूसरी ओर कूदकर भाग गया। तब से वह इन लाइनों के लिखे जाने तक नदी की रेत में पुलिस को छका रहा है। दूसरी ओर गिरफ्त में आये कोहिनूर ने चार-पांच दिन पूर्व राजिम में चोरी की एक बड़ी घटना में शामिल होना भी कबूल किया। इसके अलावा छुटपुट लोहे की चोरियां कर आरोपी चंपारण चौक स्थित कबाड़ी दुकान में खपाना भी स्वीकार किया है।