बायपास अब मांग नहीं जरूरत हो गई
नागरिक कह रहे, राजनीति से दूर सामाजिक मंच बनाएं और प्रयास करें।
भास्कर न्यूज - धमतरी
बायपास रोड इस साल भी बन पाना मुश्किल हो गया है। राजनीति एवं श्रेय के चक्कर में शहर की प्रमुख एवं आवश्यक मांग दरकिनार होते जा रही है। जन प्रतिनिधि कुछ नहीं किए। शहर की जरूरत को सरकार के समक्ष गंभीरता से नहीं रख पाए। इसका खामियाजा राह चलने वालों को भुगतना पड़ रहा है। नेशनल हाइवे आए दिन खून से सन रही है।
सामाजिक मंच बनाएं
सेवानिवृत्त शिक्षक रासबिहारी खरे ने कहा कि बायपास अब शहर की आवश्यकता बन गई है। इस पर देर करना उचित नहीं होगा। काफी देर हो चुकी,यह सुविधा नहीं मिल पाने के पीछे जनप्रतिनिधि व शासन ही दोषी हंै। बायपास को राजनीतिक रंग न देकर सामाजिक मंच बनाकर गंभीरता दिखाने की जरूरत है। समाज के सभी वर्गो को इसकी जरूरत है इसलिए सब को एकजुट होना आवश्यक है।
जनता पिस रही
व्यवसायी राकेश पाहूजा ने कहा कि बायपास पर अब तक राजनीति ही हुई है। इसकी आवश्यकता व नगर समस्याओं पर विचार नहीं किया जा रहा। श्रेय के चक्कर में जनता पिस रही है। बायपास जनहित में बने। अनदेखी बर्दाश्त से बाहर हो गई है। रोज एक्सीडेंट व मौत हो रही। सड़क से गुजरने में लोग डरने लगे हंै।
जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं
युवा विनोद मूलवानी ने बताया कि बायपास के लिए जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं हुए, इसी का परिणाम है कि यह महत्वपूर्ण आवश्यकता अब तक अटकी हुई है। इस साल हर हाल में बायपास बनना चाहिए। जनप्रतिनिधि एकजुट होकर दबाव बनाएं,तभी यह संभव होगा। सरकार को समय रहते मंजूरी दे देना चाहए।
धमतरी. महावर धर्मशाला में व्यापारी सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों की बैठक हुई।
बायपास को लेकर कांग्रेसी गांधी चौक मैदान में 11 जनवरी से डटी हुई है। इस महाधरने को १३ दिन पूरे हो चुके हैं। गुरूवार को धरना स्थल में हरमिंदर छाबड़ा, नम्रता पवार, रेखा शांडिल्य, उषा निर्मलकर, घनाराम सोनी भूख हड़ताल पर रहे।
अनदेखी - बायपास को मंजूरी नहीं मिलने से नागरिकों में रोष
श्यामतराई में धरना व चक्काजाम का सुझाव
बायपास को ले कांग्रेस ने बुलाई समाज प्रमुखों, संगठनों की बैठक
भास्कर न्यूज - धमतरी
विधायक की पहल पर बायपास को लेकर व्यापारी, सामाजिक व शैक्षणिक संगठनों की बैठक हुई। रायपुर में मुख्यमंत्री द्वारा सहमति नहीं देने पर उग्र आंदोलन करने की सहमति बनी।
बायपास रोड की आवाज बुलंद होते जा रही है। गुरूवार को महावर धर्मशाला में इस संबंध में बैठक कर विधायक गुरूमुख सिंह होरा ने लोगों से सुझाव मांगा। अधिकांश लोगों ने धरना, चक्काजाम करने का सुझाव दिया। वहीं 24 जनवरी को मुख्यमंत्री से चर्चा करने के प्रस्तावित कार्यक्रम में विभिन्न समाजजनों ने अपने समाज के लोगों को भेजने की बात कहीं।
शाम 6 बजे बैठक शुरू हुई। सिंधी समाज के नानक चारवानी ने समाज की ओर से पांच सदस्य भेजने की बात कही। उन्होंने कहा कि बायपास की समस्या हम सबकी है। इसमें सबका सहयोग चाहिए। सभी अपने-अपने समाज से प्रतिनिधि भेजे। मसीही समाज के रीजनाल्ड पीटर ने समाज की ओर से दो-दो प्रतिनिधि भेजने की बात कही। श्री पीटर ने कहा कि मुख्यमंत्री से सार्थक जवाब नहीं मिलता है, तो सांकेतिक रूप से श्यामतराई में धरना और चक्काजाम किया जाए। डॉ विजय प्रकाश जैन ने कहा कि धरना आंदोलन को आगे बढ़ाना होगा। चुपचाप धरना प्रदर्शन से काम नहीं चलेगा। शहर के नेशनल हाईवे मकई चौक को धरना स्थल बनाना होगा। लेखराम साहू ने मुख्यमंत्री के साथ राज्यपाल से भी चर्चा करने का सुझाव दिया। मुस्लिम समाज के अशफाक अली हाशमी ने कहा कि अब रोजाना अलग-अलग चक्काजाम होना चाहिए, तब शासन जागेगा। लोस चुनाव नजदीक है, फिर आचार संहिता लग जाएगा, तो मुश्किल हो जाएगा। मुस्लिम समाज से पांच सदस्य भेजने की बात उसने कही । सतीश नाहर ने कहा कि श्रेय के कारण मांग को लटकाया जा रहा। हमारे विधायक ,मुख्यमंत्री को श्रेय नहीं बायपास चाहिए से भी अवगत कराने की बात कही। मांग को लेकर हर चौक-चौराहे में बैलगाड़ी रखकर जाम करने का सुझाव दिया।
बैठक में विधायक गुरूमुख सिंह होरा, केके ढांढ, विनोद जैन, एलएन महावर, मोहन लालवानी, राजेश शर्मा, प्रताप ढिल्लो, वालेस चरण, डॉ डायमंड फिलस, इंदरजीत सिंह थिंड, अरविंद दोशी, गुरूमीत सिंह बिंद्रा, देवेन्द्र अजमानी, शांति लाल जैन, वसीम कुरैशी,जानकी शर्मा, हरपाल सिंह गरेवाल, प्रभा श्रीवास्तव, मीना बैगा नाग, बलवंतराव पवार आदि उपस्थित थे।