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वंश बढ़ाने वनभैंसा प्रिंस को जंगल में छोड़ा

8 वर्ष पहले
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गरियाबंद. उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत राजकीय नर वनभैंसा प्रिंस अब जंगल में स्वच्छंद विचरण करेगा। गुरुवार को रेस्क्यू सेंटर से इसे जंगल में छोड़ दिया गया है। अब प्रिंस टाइगर रिजर्व के जंगलों में नजर आएगा।


यह टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू सेंटर में 30 हेक्टेयर एरिया में इस वनभैंसे को रखा था। जंगली परिवेश में इन वन भैसें को ढालने के साथ ही वंश वृद्धि की दृष्टि से और रेस्क्यू सेंटर में लड़ाई झगड़े की आशंका के मद्देनजर चार वर्षीय प्रिंस को छोड़ा गया है। विभाग के मुताबिक वह वयस्क भी हो गया है। उल्लेखनीय है कि टाइगर रिजर्व अंतर्गत 10 वनभैंसे पाए जाते हैं। इस छोड़े गए प्रिंस को लेकर विभाग की योजना है कि इसकी सतत निगरानी के लिए सैटेलाइट कॉलर लगाए जाएंगे ताकि प्रिंस के लोकेशन का पता चल सके। वर्तमान में रेस्क्यू सेंटर में वन भैंसे 5 रखे गए हैं। इसमें मादा आशा के अलावा नर छोटू 13 वर्ष, मोहन 2 वर्ष, वीरा सवा साल, सोनू दो माह शामिल हैं।

इस संबंध में उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर के आर उके ने बताया कि वंश बढ़ाने की दृष्टि से प्रिंस को जंगल में छोड़ा गया है। विभाग के सामने यह भी आशंका बनी हुई थी कि रेस्क्यू सेंटर में आपसी लड़ाई झगड़े होने पर कहीं नुकसान न हो। इसको भी ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

अफसर भ्रमण में पहुंचेंगे

नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी नागपुर कार्यालय के अफसर दो दिनों तक उदंती सीता नदी रिजर्व एरिया का दौरा कर कार्यों का अवलोकन करेंगे। इसके लिए श्री गोवेकर 25 एवं 26 जनवरी को दौरे पर रहेंगे।