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ओड़िशा व गर्मी का धान पकड़ा

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - कसडोल
कलेक्टर बलौदाबाजार के निर्देशन में धान खरीदी केंद्र बिलारी एवं थरगांव में शुक्रवार को ओडिशा का धान व ग्रीष्मकालीन धान छापामार कार्रवाई में पकड़ा गया। इस दौरान शाम 6 बजे तक 5000 हजार कट्टा ग्रीष्मकालीन धान मिल चुका था। इस वर्ष अत्यधिक वर्षा के कारण पिछले वर्ष की तुलना में धान का उत्पादन कम हुआ है। इसके बावजूद खरीदी केंद्रों में धान की आवक बढ़ी है।
कसडोल क्षेत्र के खासकर जंगल क्षेत्र में धान खरीदी केंद्र थरगांव, बया, गोलाझर, बिलारी, नगेड़ा सभी स्थानों पर ख्ररीदी बढ़ी है। इस वर्ष धान खरीदी की प्रक्रिया पूर्णत: आनलाइन की जा रही है जिससे नेट से पता चल जाता है कि धान खरीदी कहां और कितनी हुई है। सहकारी समिति थरगांव एवं उसके आश्रित खरीद केंद्र बिलारी में अब तक पिछले वर्ष की तुलना में डेढ़ गुना ज्यादा धान की खरीदी हो चुकी है। शुक्रवार को कलेक्टर राजेश सुकुमार टोप्पो ने धान खरीदी केंद्र थरगांव एवं बिलारी में जिला स्तरीय 4-4 अधिकारियों की टीम बनाकर छापा मारा जहां ग्रीष्मकालीन धान के लगभग 5000 कट्टे अलग निकलवाए गए। इन केंद्रों में बड़ी मात्रा में ओडिशा के व्यापारियों द्वारा भी धान बेचने के लिए लाया गया है। इसकी जांच की कार्रवाई की जा रही है।
व्यापारी बेच रहे थे धान
छापामार कार्रवाई की जानकारी देते हुए एसडीएम एसएन मोटवानी ने बताया कि आज सुबह एक साथ जिला स्तरीय 4-4 अधिकारियों की टीम बनाकर बिलारी व थरगांव पहुंचे। यहां पर इतना धान रखा है कि चारों तरफ धान ही धान नजर आ रहा है। दोनों स्थानों पर व्यापारिक धान होने की आशंका से कुछ धान अलग किया गया। इसमें करीब 35 कृषकों के नाम सामने आए हैं जिनके नाम से व्यापारी धान बेच रहे थे।
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इन कृषकों के नाम हैं रविंद्र, हल प्रसाद, गंगाराम, देवनारायण, साहेबलाल, निरंजन, दौलत, छबिराम, रोहित, जयकुमार, तुलेश्वर, संतराम, दलसाय, प्रेमलाल, रामप्रसाद, नंदलाल, कांशीप्रसाद, हेमलाल आदि है। श्री मोटवानी ने यह भी बताया कि बिलारी में 23 जनवरी को भी छापा मारा गया था जिसमें 1630 कट्टा धान जब्त किया गया था। यह धान फिरतराम, गजपति, फगनी, गुल मोहम्मद सहित 12 किसानों के नाम आया था। इनके खिलाफ कार्यवाही की गई है। इन किसानों के नाम से व्यापारिक धान आया था। बिलारी एवं थरगांव में कलेक्टर के निर्देश पर जब तक भौतिक सत्यापन पूरा नहीं हो जाता धान की ख्ररीद बंद कर दी गई है।




डेढ़ गुना अधिक बिक्री

इसके अतिरिक्त स्टेक में लगे धान में से करीब 3000 हजार कट्टा ग्रीष्मकालीन धान खरीदा जा चुका है। इस धान को निकालने की कार्यवाही अभी जारी है। इस समिति में तरह-तरह कीअनियमितताएं पायी गईं, जैसे कंप्यूटर में रकबे की बढ़ोत्तरी की गई है। अब तक करीब 50 प्रतिशत किसानों ने ही धान बेचा है,लेकिन खरीदी पिछले वर्ष की तुलना में डेढ़ गुना हो चुकी है। इसका वास्तविक आंकड़ा भौतिक सत्यापन के पश्चात पता चलेगा।