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जर्जर शालाओं में दुर्घटना की आशंका

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बलौदाबाजार
जर्जर शालाओं के प्रति शिक्षा विभाग के अधिकारियों की असंवेदनशीलता की वजह से एक ओर जहां इन शालाओं में पढऩे वाले बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है वहीं ब्लाक में दो दर्जन से अधिक प्राथमिक तथा मिडिल शालाओं का निर्माण नहीं होने की वजह से एक कमरे में दो-दो कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
विदित हो कि बलौदा बाजार ब्लाक में जर्जर शालाओं की वजह से इन शालाओं में पढऩे वाले बच्चों के साथ हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। शिक्षा विभाग ने सर्वे कर लगभग 30 प्राथमिक तथा मिडिल शालाओं को खतरनाक की श्रेणी में चिन्हांकित किया है परंतु इन शालाओं के स्थान पर नवीन शाला भवनों का निर्माण कब होगा इसका जवाब विभागीय उच्चाधिकारियों के पास भी नहीं है।
शासन के नियमानुसार नवीन शाला भवनों का कार्य अधिकांश स्थानों पर संबंधित पंचायतों को दिया गया है परंतु शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा पंचायत विभाग के जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल की कमी की वजह से शालाओं में पढऩे वाले बच्चों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।




गौरतलब हो कि जिन शालाओं के पांच-छह कक्षों में पहले कक्षाएं लगती थीं उन शालाओं के जर्जर घोषित होने के बाद अब वहां शाला लगनी तो बंद हो गई है परंतु अब शाला भवन अहाते में निर्मित दो-तीन अतिरिक्त शाला भवन कक्ष में प्राथमिक यानि पांच कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। चिचोली प्राथमिक शाला के शिक्षक सुरेन्द्र ध्रुव तथा रामेश्वर ध्रुव ने बताया कि दो कमरों में पांच क्लास लगाना बेहद कठिन है परंतु एक-एक कक्ष में दो क्लास लगाकर पढ़ाना मजबूरी बन गई है। पारागांव प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक शत्रुहन लाल बंजारे, भैंसापसरा प्राथमिक शाला की प्रधान पाठक रेखा ध्रुव ने भी दो-तीन कमरे में पांच कक्षाओं को लगाने में बेहद कठिनाई होने की बात कहते हुए इस बारे में विभागीय उच्चाधिकारियों को लगातार जानकारी दिए जाने की बात कही।

एक कमरे में दो-दो कक्षाएं

तीस शालाओं का निर्माण नहीं

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ब्लाक में परसाडीह, अहिल्दा, भैंसापसरा बलौदा बाजार, राम मनोहर लोहिया शाला बलौदा बाजार, पौंसरी, चांपा, चिचोली, लवन खम्हरिया, पुरान, पुरेना, पुरेनाखपरी, रिसदा, ठेलकी, पहंदा, कुम्हारी, कोहरौद, गंगई, खैरघटा, कोलियारी, करमनडीह, सेम्हराडीह, पनगांव, रसेड़ा, खपरी, पारागांव, पहंदा, तिल्दा, मेढ़ सहित कुल 30 शालाओं का निर्माण किया जाना है। इन शालाओं के निर्माण के लिए शिक्षा विभाग तथा राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा शासन को प्रस्ताव भेज दिया जाता है परंतु प्रस्ताव भेजने के बाद ना तो अधिकारियों द्वारा इन प्रस्तावों की स्वीकृति के लिए फालोअप किया जाता है और ना ही जनप्रतनिधियों द्वारा दबाव बनाया जाता है ।



प्रस्ताव भेजा गया है

॥बलौदा बाजार ब्लाक में पुराने छप्पर वाली लगभग 30 शालाएं जर्जर हैं जिनके नवनिर्माण के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव पास होते ही इन शालाओं का निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।ञ्जञ्ज

आर सोमेश्वर राव - स्त्रोत समन्वयक, राजीव गांधी शिक्षा मिशन, बलौदा बाजार