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ग्रामसभा का बुरा हाल, ग्रामीण नहीं दे रहे तवज्जो
ग्रामसभा का दूसरा दिन भी बुराहाल रहा। अधिकांश पंचायतों में गणपूर्ति नहीं होने से स्थगित हुआ। चार गांवों में ही ग्रामसभा आयोजित किए गए।
भास्कर न्यूज - धमतरी
धमतरी ब्लाक के 15 गांवों में शुक्रवार को शाासन की ओर से ग्रामसभाएं आयोजित की गई थी, लेकिन इन पंचायतों में सभा का बुराहाल रहा। जनपद पंचायत के कंट्रोल रूम के अनुसार सिर्फ 4 गांव करेठा, कोहका, गोपालपुरी और तेन्दूकोन्हा में ही कोरम पूरा हुआ।
अधिकारियों ने पंचायत पदाधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। राशनकार्ड बनाने, सीसी रोड, तालाब गहरीकरण की मांग ग्रामीणों ने की। साथ ही ग्रामीणों ने कई शिकायतें रखी।
अधिकारी, पंचायत सचिव, पदाधिकारियों ने गांव में हुए कार्यों की समीक्षा की। इन पंचायतों में भी ग्रामीणों की भीड़ नहीं जुटी। ग्रामीण एक-एक कर रजिस्टर पंजी में हस्ताक्षर करके चले गए। छोटे गांव होने की वजह से यहां गण की पूर्ति हुई और ग्रामसभा आयोजित हो गए।
इन गांवों में स्थगित
24 जनवरी को ग्राम भोथीपार में 12 लोग, अर्जुनी में 10, डोमा में 35, संबलपुर में 4, सरसोपुरी में 13, बारना में 19, कानीडबरी में 10, सोरम में 17, नवागांवखुर्द में 12 और भिड़ावर में 19 लोग ही ग्रामसभा में शामिल हुए। इन गांवों में कोरम पूरा नहीं होने से ग्रामसभा स्थगित हो गई। यहां के ग्रामीण ग्रामसभा में रूचि नहीं लिए।
धमतरी. ग्राम करेठा में कोरम पूरा हुआ और ग्राम सभा की कार्रवाई भी संपन्न हुई।
हर साल बुराहाल
पिछले वर्ष ब्लाक में आयोजित अधिकांश गांवों में शासन द्वारा आयोजित ग्रामसभा को ग्रामीणों का रिस्पांस नहीं मिला था, जिसके चलते स्थगित बैठक आयोजित की गई। आनन-फानन में हर साल ग्रामसभा आयोजित किए जाते हैं। इस साल भी गांवों में ग्रामसभा का बुराहाल है। अधिकांश गांवों में लोग रुचि नहीं ले रहे हैं। ग्रामीण बुधराम निषाद, मोहनलाल, जगदीश राम, जीवन लाल का कहना है कि ग्रामसभा में शिकायत व समस्याएं रखी जाती है, जिस पर कोई निराकरण नहीं होता। यही वजह है कि ग्रामीण ग्रामसभा में दिलचस्पी नहीं लेते।
ग्रामसभा आज यहां
25 जनवरी को ग्राम तरसींवा, भानपुरी, गुजरा, सांकरा, पुरी, छाती, सिवनीखुर्द, बंजारी, भोयना, बेलतरा, मुड़पार, श्यामतराई, तिर्रा, मोंगरागहन और सटियारा में ग्रामसभा आयोजित किए गए है।
15 में से 11 गांवों में निरस्त, ग्रामीणों के नहीं आने से कोरम पूरा नहीं हो रहा, लोगो की दिलचस्पी नहीं सरकारी आयोजन में, हर बार ऐसी ही नौबत