कुत्तों की तलाश में पहुंचा था तेंदुआ
भास्कर न्यूज. कांकेर
तेंदुआ अपने पसंदीदा शिकार की तलाश में कांकेर शहर तक आ पहुंचा था। ये बात खुद वन विभाग कह रहा है। वन विभाग के आला अधिकारियों के अनुसार तेंदुआ शहर में कुत्तों की तलाश में पहुंचा था। इसके पूर्व की घटनाओं पर भी नजर डालें तो जंगल तथा पहाड़ों से लगी बस्तियों में भी तेंदुआ कुत्तों को ही अपना शिकार बनाता रहा है जो वन विभाग की बातों को बल दे रहा है। इस बीच उसे उपचार के लिए रायपुर स्थित नंदनवन भेज दिया गया है।
कांकेर वन वृत्त अंतर्गत आने वाले पांचों वनमंडल में कांकेर वनमंडल ही एक ऐसा मंडल है जिसमें सबसे अधिक तेंदुए पाए जाते हैं।
इसमें से आधे से अधिक तेंदुए तो जिला मुख्यालय के इर्द गिर्द के जंगल व पहाड़ों में ही देखे जाते हैं जो समय समय पर अपनी मौजूदगी का एहसास भी कराते रहे हैं। शहर से लगे गढिय़ा पहाड़ में भी तीन तेंदुओं की उपस्थिति की पुष्टि वन विभाग कर रहा है। इसके अलावा आतुरगांव, कोड़ेजुंगा, कोकपुर आदि की पहाड़ी तथा जंगल में भी तेंदुए के मौजूद होने की खबर है। 24 जनवरी को शहर में घुसा तेंदुआ वन विभाग के रिजर्व फारेस्ट 4 का होना बताया जा रहा है।
शुक्रवार को बड़ी मुश्किल से पकड़ा गया युवा नर तेंदुआ अपने प्रिय भोजन कुत्ता की तलाश में शहर में पहुंचा था। समय के पहले वापस नहीं लौट पाने तथा उजाला होने के कारण वह बस्ती में ही रह गया। सुबह चहल पहल बढऩे के बाद वह लोगों से घिर गया तथा अपने बचाव के लिए यहां वहां कूद फांद करने लगा।
यहां वहां भागने के कारण घायल हुए तेंदुए को पकडऩे के बाद शुक्रवार रात 11 बजे वन विभाग ने इलाज के लिए रायपुर नंदनवन भेज दिया। तेंदुआ के सिर में हल्की चोट आई है लेकिन वह स्वस्थ है। नंदनवन के डाक्टरों की निगरानी में रखकर तेंदुए का इलाज किया जाएगा। माना जा रहा है कि चार दिन के अंदर वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा जिसके बाद पुन: जंगल में छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग के अनुसार उसे केशकाल के जंगलों में छोड़ा जाएगा।
कांकेर वनवृत्त में जानवरों की संख्या ((2010))
प्रत्येक चार वर्षों में होती है गणना
कुत्ता है तेंदुआ का प्रिय भोजन
॥तेंदुआ का कुत्ता प्रिय भोजन है जिसकी तलाश में वह हमेशा बस्तियों तक आता है। माना जा रहा है शुक्रवार को भी तेंदुआ अपने इसी भोजन की तलाश में शहर के बीच पहुंचा था।॥
वी माथेश्वरण, डीएफओ कांकेर
कांकेर वन मंडल अंतर्गत तेंदुए की संख्या ((2010))
33 साल पुरानी याद हुई ताजा
शहर के बीच 24 जनवरी को आमापारा में पहुंचे तेंदुए ने 33 वर्ष पुरानी याद को ताजा कर दिया है। इन 33 वर्षों में यह दूसरा मौका था जब तेंदुआ ने दिन दहाड़े बीच शहर में घुस इतना आतंक मचाया था। ठीक इसी तरह सन 1981 में एक तेंदुआ दिन दहाड़े शहर के बीच गिल्ली चौक स्थित घरों में घुस गया था। इस दौरान तेंदुए ने खूब आतंक भी मचाया था तथा उस दौरान भी उसे देखने लोगों का हुजूम बिल्कुल 24 जनवरी की तरह ही उमड़ पड़ा था। उसे बेहोश कर पकडऩे की व्यवस्था नहीं होने के कारण गोली मारकर पकड़ा गया था। उस दौरान तेंदुए को पुलिस में पदस्थ हवलदार प्रताप सिंह ने शूट किया था। इन 33 वर्षों में पहाड़ से सटे राजापारा तथा भंडारी पारा में तेंदुआ आते रहे हैं। कुछ दिनों पूर्व ही राजापारा में तेंदुआ दिखाई दिया था। पिछले वर्ष तेंदुआ ने राजापारा से कुछ कुत्तों को उठा कर ले भी गया था। इसी तरह कांकेर वनमंडल के गांवों में हमेशा तेंदुआ देखा जाता रहा है।
नंदनवन में तेंदुए की आवभगत
कांकेर से पकड़ कर नंदनवन ले गए तेंदुए की नंदनवन में खूब आवभगत हो रही है। शनिवार को तेंदुए ने बकरे की दावत भी उड़ाई। नंदनवन के डाक्टर जयकिशोर जडिय़ा ने बताया तेंदुए को देख रेख में रखा गया है। उसने अब तक अपने भोजन में बकरे का मटन लिया है तथा पानी पिया है। उसके सिर में हल्की चोट है जिसका इलाज किया जा रहा है। उसके सामने यदि कोई जाता है तो वह आक्रोशित हो उठता है जिसके चलते उसे एकांत में रखा गया है।
वर्तमान में शहर के इर्द गिर्द बड़ी संख्या में तेंदुए तथा अन्य जंगली जानवर देखे जा रहे हैं। लेकिन वर्तमान में इनकी संख्या कितनी है इसकी स्पष्ट जानकारी वन विभाग के पास भी नहीं है। वन्य प्राणी की गणना प्रत्येक चार वर्ष में एक बार की जाती है जो पिछले 2010 में की गई थी। वन विभाग दावा कर रही है इन चार वर्षों में कांकेर वन मंडल में तेंदुए की तादाद बढ़ी है। विशेष कर जिला मुख्यालय के निकट आरईएस कालोनी के पीछे पहाड़ी में 2, कोकपुर में 3 तथा गढिय़ा पहाड़ में 3 तेंदुए देखे जा रहे हैं। इस वर्ष मार्च तक वन्य प्राणियों की गणना वन विभाग द्वारा की जाएगी।
वन मंडल शेर तेंदुआ जंगली कुत्ता भालू लकड़बग्घा भेडिय़ा
कांकेर वन मंडल 0 32 0 65 50 7
पूर्व भानुप्रतापपुर 0 9 3 2 1 3
उत्तर कोंडागांव 0 16 0 11 18 8
दक्षिण कोंडागांव 0 2 0 0 6 1
नारायणपुर 3 24 34 52 17 24
कुल 3 83 37 130 92 43
क्षेत्र संख्या
कांकेर 10
नरहरपुर 11
सरोना 00
चारामा 08
कोरर 03
कुल 32