राशन कार्डों की अब घर-घर होगी जांच
भास्कर न्यूज . नवापारा राजिम
खाद्य विभाग द्वारा अपात्र राशनकार्डों के समर्पण के लिए तीन बार से अधिक समय देने के बाद भी सिर्फ 644 हितग्राहियों द्वारा राशन कार्ड स्थानीय पालिका कार्यालय में समर्पित किए गए। जबकि खाद्य विभाग के अनुसार अब भी 7 से 8 सौ अपात्र हितग्राहियों ने इन्हें जमा नहीं किया है।
अब ऐसे लोगों की धरपकड़ के लिए जांच दल का गठन कर घर-घर जाकर जांच की जाएगी। जांच के दौरान गलत पाये कार्ड की महिला मुखिया के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होगी। उस दौरान उस हितग्राही के पास कार्ड समर्पण कर छुटकारे का भी विकल्प नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि खाद्यान्न सुरक्षा और पोषण अधिनियम के तहत 1 रुपए की दर से 35 किलो खाद्यान्न देने की योजना में पुराने गरीबों की तुलना में नगर में 4 हजार नए गरीब बन जाने से प्रशासन के कान खड़े हो गये। खाद्य अधिकारी संजय दुबे ने योजना के तहत पात्र हितग्राहियों के लिए निर्धारित मानदंडों का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके अलावा पाये गये हितग्राही सजा के पात्र होंगे। श्री दुबे ने यह भी कहा कि योजना में उल्लेखित एक बिंदु बंधुआ मजदूर को गलत परिभाषित कर नगर में 2088 बंधुआ मजदूर आवेदकों के कार्ड भी अवैध हैं। क्योंकि विभिन्न प्रांतों में छत्तीसगढ़ प्रदेश से गये ऐसे मजदूरों की संख्या जिन्हें उन प्रदेशों से छुड़ाकर लाया गया।
उनकी संख्या 2014 है। इन्हें शासन ने बीपीएल का पात्र माना है। श्री दुबे ने अभनपुर में एक वार्ड पार्षद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि अब इसमें लिप्त जनप्रतिनिधियों को भी बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही अब कार्ड में दर्ज परिवार के मुखिया अथवा सदस्य के द्वारा ही राशन प्राप्त किया जा सकेगा। किसी अन्य को राशन नहीं मिलेगा। इसके लिए सख्त आदेश जारी किए गए हैं।