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कुदालगांव में कुदाल चलाने से भी नहीं निकलता पानी
भास्कर न्यूज. जगदलपुर
आवाजाही के लिए पथरीली सड़क, नहाने के लिए लंबी दूरी तय कर नदी जाने की मजबूरी, पेयजल के लिए लंबा इंतजार और आए दिन इसके लिए विवाद। यह पहचान है संभागीय मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत कुदालगांव की। बस्तर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली इस पंचायत में ग्रामीणों को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी भारी पड़ रही है। सालों बाद भी बुनियादी सुविधा नहीं मिलने से ग्रामीण नाराज हैं।
2100 की आबादी पर 10 हैंडपंप : पंचायत ने 2100 की आबादी को 19 वार्ड में बांट दिया है, लेकिन वार्ड के अनुसार ग्रामीणों को पेयजल सुचारू रूप से उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रहा है। सरपंच व पंचायत सचिव द्वारा पूरे पंचायत वासियों को केवल 10 हैंडपंप के सहारे पेयजल उपलब्ध कराने के दावा किया जा रहा है लेकिन हकीकत यह है कि गर्मी के दिनों में इसमें भी 4 हैंडपंप में से पानी के कम आने की शिकायत हर साल की जाती है। बावजूद इस समस्या को दूर करने की कोशिश नहीं की गई है। नतीजतन ग्रामीणों को एक गुंडी पानी लाने के लिए दूसरे पारे में जाने मजबूरी बनी हुई है।
100 मीटर दूरी तक की बनी सीसी सड़क : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की मुख्य सड़क को छोड़ दें तो सरपंच करमेल बघेल ने अपने कार्यकाल में केवल 100 मीटर की सीसी सड़क का ही निर्माण करा पाया है। ग्रामीण रमेश और बलप ठाकुर ने बताया कि गांव की किसी भी समस्या को हल करने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए हैं। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
पूरी पंचायत ही उदासीन है
सीईओ घनश्याम जांगड़े ने कहा कि पूरी पंचायत ही उदासीन है। पंचायत ने पिछले और वर्तमान काल में स्वीकृत हुए कामों को शुरू नहीं किया है। जिसके चलते उसे नए काम नहीं दिए जा रहे हैं और न ही उनके प्रस्ताव को स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने बताया जल्द उच्च अधिकारियों से चर्चा कर इस पंचायत में ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरपंच करमेल बघेल को भी कामों में गति लाने की समझाइश दी जाएगी।
सरपंच ने प्रस्ताव जनपद पंचायत को भेजा जो मंजूरी के लिए अटका पड़ा है
जैसा पंच ने बताया