भुगतान छोड़ थमा दी रसीद
भास्कर न्यूज - धमतरी
काम करने के बाद मनरेगा मजदूर पेमेंट के लिए भटक रहे हैं। मंगलवार के जनदर्शन में दो गांव के 200 मजदूर भुगतान दिलाने की मांग करने पहुंचे। मजदूरों का लगभग 6 लाख रुपए का पेमेंट बाकी है, जिसके लिए वे पांच महीने से भटक रहे हैं। सभी मजदूरों को उनका पेमेंट स्लीप थमा दिया गया है, लेकिन भुगतान अब तक नहीं हुआ। स्लीप लेकर मजदूर विभाग, बैंक व उच्चाधिकारियों के दफ्तर का चक्कर लगा रहे हैं।
मगरलोड ब्लाक के ग्राम मूलगांव के मजदूर ट्रेक्टर में सवार होकर जनदर्शन पहुंचे। मजदूर नंदकुमार मंडावी, राधेश्याम, छबिलाल साहू, अनिरुद्ध शांडिल्य, कौशल मंडावी, रवि कुमार ध्रुव, हरीश्वर नेताम, नारद, मोतीलाल ध्रुव आदि ने बताया कि वे 12 सितंबर 2013 को वन विभाग अंतर्गत औषधि प्लांट में साफ सफाई एवं पौधरोपण किए थे। अक्टूबर में उन्हें काम का पेमेंट स्लीप दिया गया, लेकिन आज पांच महीने बाद भी उन्हें भुगतान नहीं हुआ। वन विभाग पोस्ट आफिस में चेक डाल दिए हैं कहते हैं, जबकि पोस्ट आफिस वाले चेक नहीं पहुंचने की बात कहते हैं। उक्त कार्य में मूलगांव के अलावा बिरझुली, गोबरापठार, आलेखूंटा के मजदूर भी काम किए थे। सिर्फ उनके गांव के मजदूरों का ही भुगतान नहीं हुआ है। 90 ग्रामीणों के लगभग 3 लाख रुपए का भुगतान बाकी है।
नगरी ब्लाक के ग्राम कोटरवाही निवासी 100 से अधिक मजदूर मनरेगा भुगतान नहीं होने की शिकायत लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि पौधरोपण कार्य में वे मजदूरी किए थे। स्लीप देने के बाद भुगतान नहीं दिया जा रहा। मजदूरों का लगभग 3 लाख रुपए भुगतान शेष है। पेमेंट के लिए वे महीनों से भटक रहे हैं।
ग्राम अछोटा में सुराज अभियान के तहत वार्ड क्रमांक 15 के अंतर्गत निकासी नाली की मांग की गई थी, इसे जनपद पंचायत के काम में शामिल किया गया था, लेकिन तीन साल बाद भी शुरु नहीं हुआ है। ग्रामीण अशोक देवांगन ने काम शुरु कराने की मांग कलेक्टर से की है।
ग्राम डोड़की निवासी धीरेंद्र कुमार सिन्हा ने सीसी रोड निर्माण में गबन करने का आरोप लगते हुए जनदर्शन में शिकायत की है। आवेदन में कहा गया है कि 2011-12 में 3 लाख रुपए की लागत से रोहित सिन्हा के मकान से पुनीत यादव के मकान तक सीसी रोड निर्माण स्वीकृत हुआ था। अब तक आधा काम ही हो पाया है। बगैर निर्माण के सरपंच व अधिकारियों की मिलीभगत से गबन किया गया है। इसकी जांच कार्रवाई की मांग की गई है।