नहीं मिली अधिकारियों को जगह
शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में सूचना का अधिकार की भूमिका पर मुख्य सूचना आयुक्त ने डाला प्रकाश।
भास्कर न्यूज - धमतरी
जिला पंचायत के सभाहाल में आयोजित प्रशिक्षण में अधिकारियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं था। कई विभागों के उच्चाधिकारियों को प्रशिक्षण हाल से बाहर बैठना पड़ा। प्रशिक्षण में शामिल जरूर हुए, लेकिन सूचना का अधिकार अधिनियम के कई जानकारियों से वाकिफ नहीं हो पाए, जो चर्चा का विषय बना रहा।
राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त सरजियस मिंज की उपस्थिति में बुधवार को जिले के सभी अपीलीय अधिकारी, जनसूचना एवं सहायक जनसूचना अधिकारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के संबंध में बुधवार को जिला पंचायत में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित कर विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्य सूचना आयुक्त ने शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की अहम् भूमिका पर प्रशिक्षण में प्रकाश डाला। उन्होंने सभी लोक प्राधिकारियों को कार्यालय के समस्त अभिलेखों का सही तरीके से संधारण कर यथासंभव सूचना का स्वप्रकटीकरण करने पर प्रशिक्षण में जोर दिया।
बारीकियों से कराया अवगत
सूचना का अधिकार अधिनियम की विभिन्न धाराओं का जिक्र करते हुए मुख्य सूचना आयुक्त ने सभी प्रशिक्षुओं को अधिनियम का उद्देश्य, उसकी मूल भावना और सूचना की परिभाषा इत्यादि की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने सभी जनसूचना अधिकारियों को समय-समय पर आरटीआई से संबंधित पंजी का परीक्षण कर नियमित रूप से कार्यालय में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफतौर पर बताया कि लोकप्राधिकारी की पहुंच में जो भी सामग्री प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध है, वह सभी सूचना की श्रेणी में आता है। इसके मद्देनजर सभी जनसूचना अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का बोध करते हुए ज्यादा से ज्यादा सूचना का स्वप्रकटीकरण करें।
अधिकारियों को दी समझाईश
उन्होंने सभी अपीलीय अधिकारियों को समझाईश दी कि जब भी वे अधिनियम के तहत् आदेश पारित करें, वह बोलता हुआ आदेश होना चाहिए। अर्थात् पक्ष-विपक्ष को सुनकर निष्कर्ष देते हुए निर्णय दिए जाने चाहिए। साथ ही सूचना की प्रति भी आवेदक को दी जानी चाहिए। इस अवसर पर डीएफओ केके बिसेन, अपर कलेक्टर द्वय आईएस अग्रवाल एवं पीएसएल्मा सहित सभी अपीलीय अधिकारी, जनसूचना अधिकारी, सहायक जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय प्रमुख उपस्थित थे।
धमतरी. प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकांश अधिकारियों को जगह नहीं मिली, जिन्हें बाहर बैठकर सुनना पड़ा।