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भवन नहीं होने से पंचायत के काम हो रहे प्रभावित
भास्कर न्यूज - पिथौरा
ब्लाक मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर ग्राम रिखादादर पंचायत भवन व आंगनबाड़ी भवन के लिए तरस रहा है। जिसके कारण पंचायती राज के कामकाज के लिए जहां पंचायत कर्मचारियों व सरपंच, पंचों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वहीं आम नागरिकों को अपने बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने के लिए आज भी भवन का इंतजार करना पड़ रहा है।
ग्राम सरपंच संतोषी बाई कन्हेर व पंचगणों ने अतिशीघ्र गांव में उक्त भवनों की मांग की गई है। ग्राम पंचायत रिखादादर आज भी पंचायत भवन व आंगनबाड़ी भवन का मोहताज होकर रह गया है। पंचायती राज के माध्यम से गांव-गांव में विकास की गंगा बहाने का दावा के साथ शासन-प्रशासन कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है लेकिन उन तमाम योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, सचिव व रोजगार सहायक को आज भी बैठने के लिए दूसरे भवनों का सहारा लिया जा रहा है।
वहीं आंगनबाड़ी भवनों के अभाव में आज भी बच्चे दूसरे भवनों का सहारा ले रहे हैं। पंच नगेसर चौहान, दीनबंधु यादव, ग्रामीण परमेश्वर यादव, नरेंद्र यादव, जुयेष्टि प्रधान, सुनील चौहान, महेश्वर यादव, अरखित प्रधान, नीलमणी वैष्णव, राजेंद्र तांडी, निरंजन प्रधान, डोलामणी पंडा सहित ग्रामीणों ने अतिशीघ्र गांव में पंचायत भवन एवं आंगनबाड़ी भवन बनाने की मांग शासन प्रशासन से की है।
ग्राम रिखादादर पंचायत भवन व आंगनबाड़ी भवन के लिए तरस रहा, प्रस्ताव के बाद भी नहीं मिल रही स्वीकृति
भवन अधूरा
लंबे समय से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने के कारण रिखादादर में बनाए जा रहे भवनों का हाल बेहाल है। निर्माण एजेंसियों की मनमानी के चलते निर्माण की गति काफी धीमी हो चली है।