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घुंचापाली मिडिल स्कूल में सिर्फ चावल और चटनी खा रहे बच्चे

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बागबाहरा
ब्लाक मुख्यालय से महज ५ किमी में बसे ग्राम घुंचापाली स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का है, जहां मध्यान्ह भोजन के नाम पर बच्चों व पालकों को ठगा जा रहा है। इस स्कूल में मध्यान्ह भोजन बनाने का जिम्मा बीपीएल ज्योति स्व सहायता समूह को दिया गया है, इस स्कूल की दर्ज संख्या १७९ बच्चे है। जहां की मध्यान्ह भोजन दयनीय स्थिति बदस्तूर चल रही है। इस स्कूल में बच्चों को विगत कुछ दिनों से मध्यान्ह भोजन में हरी साग सब्जी के रूप में कभी टमाटर की चटनी तो कभी लौकी की सब्जी परोसी जा रही है।
स्थिति को देखते हुए प्रधानपाठक द्वारा गुणवत्ता को सुधारने के लिए महिला समूह से कहा गया परंतु महिला स्व सहायता समूह के द्वारा प्रधान पाठक की एक न सुनी, महिला समूह के रवैये को देखते हुए बच्चे अपने पालक को मध्यान्ह भोजन के बारे में जानकारी दी, वही पालकों व शिक्षकों द्वारा पुन: गुणवत्ता सुधार के लिए प्रयास किया गया परंतु स्व सहायता इस अव्यवस्था को जारी रखा वहीं इसकी जानकारी संकुल समन्वयक को दी गई। संकुल समन्वयक भूषण साहू ने एबीईओ श्री बघेल को इस अव्यवस्था के बारे में जानकारी दी तथा उन्होंने जियोजित तरीके से बुधवार २९ जनवरी को घुंचापाली शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पहुंचे तथा उन्होंने पाया कि वहां के बच्चों को हरी सब्जी के बजाय सिर्फ टमाटर की चटनी परोसी जा रही थी। एबीईओ श्री बघेल द्वारा टमाटर की चटनी को चखते हुए महिला स्व सहायता समूह को फटकार लगाई। वहीं इस स्कूल में मध्यान्ह भोजन में मीनू का पालन नहीं होने पर लगभग १० से १२ छात्र-छात्रओं द्वारा मध्यान्ह भोजन करना छोड़ दिए हैं तथा हीरा नायक, लक्ष्मी निर्मलकर, विभा, सरिता ने मध्यान्ह भोजन की अव्यवस्था को बताते हुए घर से टिफिन में सब्जी लाकर खाने की बात बताई। बीपीएल ज्योति स्व सहायता समूह में घुंचापाली की महिला सरपंच सदस्य है तथा अधिकारियों के पहुंचने तथा कार्यवाही करते समय सरपंच पति उपस्थित थे।
मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की गई है। इनमें से एक स्कूली शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की गई तथा जिम्मा महिला स्व सहायता को सौंपा गया परंतु कुछ स्थानों पर मध्यान्ह भोजन के संचालन में कोताही बरते हुए बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।