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आदिवासी संस्कृति के सरंक्षण के लिए किया कोलांग नृत्य

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - भानुप्रतापपुर
गोंड़वाना समाज सर्कल भीरागांव ने विकासखंड स्तरीय कोलांग महोत्सव का आयोजन ग्राम भीरागांव में किया। महोत्सव में पूना कर्रे लायिंग लयोर गोटूल चाहचाड़, करकापाल, मुरामुर आमाकड़ा, बोटेचांग, वाटिनटोला, कवाचीकटेल सहित विभिन्न गांवों के कोलांग नर्तक दल सम्मिलित हुए। इस दौरान पारंपरिक ढंग से कोलांग नृत्य की प्रस्तुति की गई।
दो दिवसीय महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए सांसद सोहन पोटाई ने कहा कि आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में संस्कृति के संरक्षण के लिए न्यास गठित करने की जरूरत है। इस मौके पर अजजा आयोग अध्यक्ष देवलाल दुग्गा ने कहा कि हमें अपने पुरखों के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिलेदार मयाराम नेताम ने गोंडी भाषा, परंपरा और नीति नियमों को संजोए रखने की बात कही।
बांसला गढ़ मांझी मानसाय दर्रो, रत्तीराम करंगा, मानक दरपट्टी , नरसिंह उसेंडी, रामलाल हुपेंडी, शरद ठाकुर, मेहर सिंह वटटी, शेरसिंह आंचला, लक्खू दर्रो, चंदन गावड़े आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सामसाय गावड़े, कोमल हुपेंडी, ईश्वर कोरेटी, कुवर सिंह गावड़े, वीरेंद्र कोरेटी, राधेलाल करंगा, रामनारायण जुर्री, नरेश गावड़े, गिरवर गावड़े, लोकेश दुग्गा, शेष लाल गावड़े, हीरालाल करंगा, जज्गूराम कल्लो, हंसराज दुग्गा, रामबाई गावड़े, रूखमणी ध्रुव सहित समाजिक जन, लयाह लयोर एवं नर्तक दलों ने योगदान दिया। कार्यक्रम का संचालन सदेसिंह कोमरे ने किया।