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कम्प्यूटर सर्टीफिकेट अधूरा, फिर भी चयन सूची में

7 वर्ष पहले
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ञ्चकाऊसिलिंग के दौरान प्रमाण पत्रों के सत्यापन में खुल रही कलई

ञ्चएक चयनित अभ्यर्थी के पास कम्प्यूटर प्रमाण पत्र नहीं। कई अभ्यर्थियों के कम्प्यूटर प्रमाण पत्र संदेहास्पद

भास्कर न्यूज - धमतरी

सहायक ग्रेड-3 में चयनित अभ्यर्थियों का गुरूवार को जिला पंचायत के सभाहाल में काऊंसिलिंग के प्रथम दिन प्रमाण पत्रों का सत्यापन हुआ। सत्यापन पांच दलों ने किया। दो सहायक संचालक, दो बीईओ, प्रिसंपल व व्याख्याताओं के 15 सदस्यीय टीम सत्यापन में जुटी रही।

काऊसिलिंग प्रक्रिया के सचिव डीईओ एके भार्गव, सदस्य आदिम जाति के सहायक आयुक्त विवेक दलेला, रोजगार अधिकारी बिसनाथ ठाकुर, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के डीपीसी डीपी सिंह और डॉ शोभाराम देवांगन बालक शाला के प्राचार्य डीएस नेताम की उपस्थिति में काऊसिलिंग के प्रथम दिन चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन हुआ। कई गड़बड़ी सामने आई।

आश्चर्य इस बात का है कि चयनित हुए तमाम अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का दो बार सत्यापन हो चुका है और दोनों बार ही हरी झंडी मिलने के बाद उन्हें अंतरिम सूची में शामिल किया गया है। स्कू्रटनी एवं कौशल परीक्षा के समय संबंधितों के तमाम दस्तावेज एवं प्रमाण पत्र जांचे परखे गए थे और योग्य माने गए थे, लेकिन काउंसिलिंग के पहले दिन गुरुवार 30 जनवरी को प्रमाण पत्रों की हुई पड़ताल में कलई खुलती नजर आई। कुल मिलाकर इस भर्ती में धांधली के आसार नजर आ रहे हैं।

12वीं का प्रमाण पत्र संदेहास्पद

सहायक ग्रेड-3 के लिए चयनित तुकेश कुमार पिता भरत लाल ग्राम सलोनी पोस्ट माहुद, तहसील गुंडरदेही के 12वीं का प्रमाण पत्र संदेहास्पद है। सत्यापन कर रहे कुरूद बीईओ एचएल सिन्हा ने बताया कि उनका प्रमाण पत्र डुप्लीकेट कापी है, लेकिन यह संदेहास्पद है। अभ्यर्थी का पूरा नाम काले पेन से लिखा गया है। सरल क्रमांक के नीचे फोटो नहीं है।

डुप्लीकेट कॉपी के साथ एफआईआर कॉपी संलग्न नहीं है। माध्यमिक शिक्षा मिशन के सचिव का हस्ताक्षर है, लेकिन सील-मुहर नहीं लगी है। शासकीय उमावि माहुद ((बी)) के प्राचार्य ने सत्यापित किया है। इनका प्रमाण पत्र संदेहास्पद है।

कई प्रमाण पत्र संदेह के दायरे में

संदीप दुबे पिता बजरंग प्रसाद दुबे पुरानी बस्ती करगी रोड कोटा, जिला बिलासपुर, आनंद कुमार पिता रामनारायण सिंह कांकेर समेत कई ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने डॉ सीवी रमन यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर में डिप्लोमा किए हैं। उनके प्रमाण पत्रों में अध्ययन केन्द्र और परीक्षा सेंटर का उल्लेख नहीं है। सत्यापनकर्ता लगातार सवाल उठाते रहे और उच्चाधिकारियों से पूछताछ करते रहे।

दहशत में सत्यापनकर्ता

दैनिक भास्कर में लगातार सहायक ग्रेड-3 में फर्जीवाड़े की खबर प्रकाशित होने से सत्यापनकर्ताओं में दहशत बना हुआ है। शुरूआत में ही कुछ चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी निकलने के बाद सत्यापनकर्ता काफी सजग हो गए। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों से शपथ पत्र भी भराए।



दो अनुपस्थित, एक अपात्र

॥काऊसिलिंग के लिए 104 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, जिसमें 2 अनुपस्थित रहे। रोजगार अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी की जानकारी के अनुसार 1 अपात्र पाया गया। अन्य लोगों के प्रमाण पत्र सहीं पाए गए।ञ्जञ्ज

पीएस एल्मा, सीईओ जिला पंचायत

अध्यक्ष रहे नदारद

काऊसिलिंग अध्यक्ष जिला पंचायत सीईओ पीएस एल्मा सत्यापन के समय सुबह से दोपहर तक नदारत थे। डीईओ एके भार्गव ने बताया कि काऊसिलिंग के पहले दिन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया गया। नियमित पद के लिए 104 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, जिनमें 102 उपस्थित हुए। संविदा के लिए 17 अभ्यर्थियों को बुलाया गया, जिसमें सभी उपस्थित हुए। एक अभ्यर्थी के प्रमाण पत्र में कुछ गड़बड़ी पाई गई। 102 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों के संबंध में सत्यापनकर्ताओं से पूछकर बताया जाएगा।



धमतरी. डुप्लीकेट अंकसूची में फोटो ही नहीं।

धमतरी. बीसीए प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के प्रमाण पत्र को ही पर्याप्त मान लिया गया। परीक्षा केन्द्र का उल्लेख नहीं कम्प्यूटर सर्टीफिकेट में।

कम्प्यूटर प्रमाण पत्र नहीं

सहायक ग्रेड-3 के चयनित अभ्यर्थी भानुप्रताप सिंह ठाकुर पिता टीकम सिंह ठाकुर डॉ सीवी रमन यूनिर्वसिटी में बीसीए अंतिम वर्ष का छात्र है। उनकी डिग्री पूरी नहीं हुई है। उन्होंने आईसीई कम्प्यूटर सेंटर से एक वर्षीय डिप्लोमा आवेदन में लगाया है, जो मान्य नहीं है। सत्यापन कर रहे अधिकारियों की टीम ने इस प्रमाण पत्र को पर्याप्त नहीं माना और आपत्ति दर्ज की। इस तरह उक्त चयनित युवक के पास कम्प्यूटर में किसी भी प्रकार के डिप्लोमा या डिग्री उपलब्ध नहीं है, बावजूद उनका चयन कर लिया गया है, जो भर्ती में फर्जीवाड़े की पोल खोल रहा है।

धमतरी. १२ वीं के प्रमाण पत्र में फोटो एवं अन्य त्रुटियों की जांच करते सत्यापन समिति के अधिकारी । कम्प्यूटर प्रमाण पत्र में अध्ययन केन्द्र एवं परीक्षा केन्द्र का उल्लेख नहीं होने पर सवाल करते सत्यापनकर्ता।

गफलत - चयनित कई अभ्यर्थियों का प्रमाण पत्र संदेहास्पद, परीक्षा केन्द्र, अध्ययन सेंटर का उल्लेख ही नहीं