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सीबीएसई स्कूलों में ग्रेडिंग के आधार पर तय होगी फीस

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज. बलौदाबाजार
निजी शालाओं द्वारा पालकों से मनमाने ढंग से फीस लिए जाने के संबंध में अब सीबीएसई लगाम कसने जा रहा है।
सीबीएसई के स्कूलों की अब ग्रेडिंग की जाएगी, जो फीस को तय करने का आधार बनेगी। इसके अलावा सभी स्कूलों को फीस, कोर्स आदि की जानकारी ऑनलाइन करने को भी कहा गया है। सीबीएसई के साथ ही साथ अब छत्तीसगढ़ पाठ्यक्रम को संचालित करने वाली निजी शालाओं पर भी मनमानी फीस को ना बढ़ाए जाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। विदित हो कि निजी शालाओं द्वारा प्रतिवर्ष अपनी शालाओं की फीस को मनमाने ढंग से बढ़ा दिया जाता है। एडमिशन फीस के साथ ही साथ वाहन ((बस)), एनुअल फंक्शन, साइंस टूर, परीक्षा फीस आदि साल में पांच से सात बार अलग-अलग मद में बच्चों से फीस ली जाती है।
निजी शालाओं में प्रतिवर्ष बढ़ाए जाने वाली फीस का प्रबंधन द्वारा कोई उचित आधार भी नहीं बताया जाता है। मनमानी बढ़ाई जा रही फीस की वजह से मध्यमवर्ग सर्वाधिक प्रभावित हो रहा है।




पुस्तक खरीदने का भी दबाव

शहर के ज्यादातर निजी शालाओं द्वारा निर्धारित पुस्तक विक्रेता के यहां से ही पुस्तक खरीदने का दबाव बनाया जाता है। इन दुकानों में पहुंचने वाले ग्राहकों को दुकानदारों द्वारा जबरन कापियां भी थमाई जाती हैं। पुस्तक-कापी के नाम पर ग्राहकों से यह लूट सीबीएसई और केंद्रीय विद्यालय सहित सीजी बोर्ड संचालित करने वाली अधिकांश निजी शालाओं में की जा रही है। पुस्तक विक्रेताओं की मनमानी की शिकायत पालकों द्वारा समय-समय पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा प्रशासन से की जाती है परंतु आज तक इस मामले में कभी सख्त कार्रवाई नहीं हुई है।

अपनी मनमानी से कोई शाला फीस नहीं बढ़ा सकती

॥निजी शालाओं में सुविधा के लिहाज से पालक समिति तथा शाला विकास समिति द्वारा बैठक कर आपसी सहमति से फीस को बढ़ाया जा सकता है। परंतु पालक समिति के साथ बिना किसी चर्चा या बैठक के किसी भी निजी शाला द्वारा अपनी मनमानी से फीस को यदि बढ़ाया जाता है तो उस शाला प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।॥

जी आर चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी, बलौदा बाजार