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छात्र-छात्राएं सभी के लिए रखें सम्मान की दृष्टि : सिंह

8 वर्ष पहले
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कोरबा - प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के तत्वावधान शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कराईनारा के राष्ट्रीय सेवा योजना समूह ((एनएसएस)) के छात्र-छात्राओं के लिए ग्राम छातापाठ में सम्मान मूल्य पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि स्कूल के प्राचार्य गंगा सिंह कंवर ने कहा कि हमारा देश एक संस्कृति प्रधान देश है। हमारे ऋषि-मुनियों ने जीवन मूल्यों की गरिमा को परख कर उसे शास्त्रों व ग्रंथों में परिभाषित किया है। सभी का सार यही है कि सम्पूर्ण प्राणी जगत के लिए हमें सम्मान की दृष्टि रखनी चाहिए।
व्याख्याता पंचायत आरएस ध्रुववंशी ने कहा कि सम व मान दो शब्दों को जोड़कर सम्मान शब्द बना है। सम का अर्थ है बराबर और मान का अर्थ है आदर। जब हम बराबर आदर देते हैं तो हमें बराबर उसकी प्राप्ति होती है, यह एक तराजू के पलड़े के समान है। सम्मान मूल्य तो सनातन व शाश्वत् है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम चन्द्र के लिए भी वर्णन है कि वे प्रात:काल उठकर अपने मात-पिता को प्रणाम करके ही दूसरा कार्य करते थे। शिविरार्थी अनिल कुमार ने कहा कि जब हम किसी को सम्मान देते हैं, तब हमें भी सम्मान प्राप्त होता है, इसलिए मूल्यों को अपने जीवन का एक अंग बना लेना चाहिए। दीपक कुमार लहरे ने कहा कि यदि किसी के लिए दिल में स्नेह है तो उसके प्रति आदर भाव स्वत: ही उत्पन्न होता है। यदि हम किसी को दिल से सम्मान देते हैं तो पुरानी बातों को वो माफकर देते हैं और किसी भी प्रकार का दर्द समाप्त हो जाता है। नदीम श्रवण कंवर ने कहा कि हमें अपने से छोटों को स्वयं के व्यवहारिक जीवन से ज्ञान देना चाहिए। रामकुमार लहरे ने कहा कि हमें अपने शिक्षकों का सदा ही सम्मान करना चाहिए, क्योंकि उनकी शिक्षाओं से ही हमारा जीवन उच्च व श्रेष्ठ बनता है। परमेश्वर सिंह कंवर ने कहा कि पशुओं का भी हमें सम्मान करना चाहिए समय पडऩे पर वो हमारी रक्षा करते हैं। ब्रह्माकुमारी संस्था के डा. एपी पाण्डेय ने मूल्य सम्मान साक्षरता व नशा मुक्ति के संबंध जन जागृति पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम अधिकारी आरएल सोनवानी ने कहा कि सम्मान एक ऐसा मूल्य है जो कि स्वप्रकाशित है वास्तव में सम्मान मांगा नहीं जाता, लेकिन सम्मान मिलता है। इस दौरान अन्य अतिथियों व शिविरार्थियों ने भी अपने विचार रखे।



ग्राम छातापाठ में मूल्य सम्मान पर हुई परिचर्चा

कार्यक्रम में शामिल अतिथि व छात्र-छात्राएं।