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बैंक अंदर, पार्किंग सड़क पर

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - कोरबा

शहरी क्षेत्र के लगभग सभी बैंकों में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। अधिकांश बैंक भी मुख्य सड़क के किनारे संचालित हैं। जिसके कारण बैंकों में लेन देन करने वालों को सड़क पर अपने वाहन पार्क करने की मजबूरी है। परिणाम यह होता है कि अक्सर बैंकों के सामने आवागमन बाधित होता है, कभी कभी तो जाम की भी स्थिति बन जाती है।

अवकाश के दिन को छोड़ दिया जाए तो बाकी दिन बैंकों के सामने अव्यवस्थित वाहनों के पार्क किए जाने से काफी परेशानी होती है। सबसे अधिक परेशानी पावर हाउस रोड, टीपीनगर व निहारिका क्षेत्र के बैंकों के सामने आती है। एक्सिस बैंक, एसबीआई, सेंट्रल बैंक, आईसीआईसीआई, आईडीबीआई, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक, बैंक आफ इंडिया समेत अनेक बैंक मुख्य सड़क पर संचालित हैं। इन बैंकों में कार्यदिवस पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। बैंक अपने कर्मचारियों के लिए ही नहीं वरन खातेदारों के वाहनों के लिए भी पार्किंग की सुविधा का ख्याल नहीं रखे हैं। जिसके कारण हर रोज आवागमन बाधित होने की समस्या उत्पन्न होती रहती है। पावर हाउस रोड, निहारिका, टीपीनगर में तो बेतरतीब ढंग से नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों की वजह से अक्सर दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। शहरी क्षेत्र में आवागमन में अवरोध करने वाले इन बैंकों के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। यातायात विभाग कार्रवाई करने के नाम पर नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों के मालिकों पर जरुर कार्रवाई करता है। पर इस समस्या को पैदा करने वालों को नजर अंदाज करने से दिन ब दिन समस्या बढ़ती ही जा रही है।



ये बैंक हैं सबसे बड़ा कारण

उदासीनता पड़

सकती है भारी

नगर की यातायात व्यवस्था बिगाड़ऩे में देखा जाए तो सर्वाधिक योगदान इन बैंकों का है जो मुख्य सड़क पर स्थित भवन में संचालित हैं। इन बैंकों में पावर हाउस रोड स्थित सेंट्रल बैंक, एक्सिस बैंक, टीपीनगर स्थित यूको बैंक, इलाहाबाद बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आंध्रा बैंक, यूनियन बैंक आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई, देना बैंक, केनरा बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ इंडिया, निहारिका स्थित भारतीय स्टेट बैंक आफ इंडिया, कार्पोरेशन बैंक के अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम टीपीनगर शामिल हैं।

चोरी होने का लगा रहता है डर

बैंकों के सामने बेतरतीब ढंग से पार्क होने वाले वाहनों के मालिकों को अपने काम निपटाने की मजबूरी होती है। काम के दौरान उन्हें इस बात का भय सताते रहता है कि उनका वाहन सुरक्षित है या नहीं। वहीं बैंक अथवा गैर सरकारी संस्थानों के प्रमुखों द्वारा इस ओर कोई एहतियात नहीं बरती जाती है। लोगों के वाहन खुले आसमान के नीचे वो भी नो पार्किंग जोन में खड़े रहते हैं। बैंक अपनी सुरक्षा के लिए गेट पर सुरक्षा गार्ड रखते हैं परन्तु बाहर खड़े होने वाले वाहनों पर कोई निगरानी करने वाला नहीं होता।

अक्सर देखने को मिलता है कि बैंकों के सामने पार्क किए गए कई वाहन बगैर नंबर प्लेट के होते हैं। ऐसे वाहनों पर न तो बैंक के सुरक्षा गार्ड की नजर होती है और न ही प्रबंधन दबाव बनाता है। ऐसी स्थिति में कोई अनहोनी होती है तो उसका खामियाजा बैंक को ही भुगतना पड़ेगा। बिना नंबर की वाहनों का उपयोग चोरी या अन्य घटनाओं में अपराधी करते हैं, जिसकी वजह से कोई सुराग भी नहीं मिल पाते हैं। बैंक प्रबंधन को उदासीनता की रवैया बदलनी होगी।



॥जो बैंक अपने स्वयं के भवन में चल रहे हैं उनके पास पार्किंग की सुविधा होती है। फंडिंग की कमी के कारण सभी बैंक यह सुविधा नहीं दे पाते हैं परन्तु सुरक्षा के तौर पर गार्ड की नियुक्ति करते हैं, जो संदिग्ध लोगों पर सतत नजर रखते हैं।

बीएस आर्य, प्रबंधक, लीड बैंक

पावर हाउस रोड पर स्थित एक्सिस बैंक के सामने सड़क पर खड़े वाहन, टीपीनगर में जीवन बीमा निगम व बैंक के सामने सड़क पर खड़े किए गए वाहन।





समस्या - नो-पार्किंग जोन में खड़े होते हैं वाहन, रोज लगता है जाम, होती है लोगों को परेशानी