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दैहिक शोषण के बाद गर्भपात, दंपत्ति को सजा

8 वर्ष पहले
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कोरबा - विवाहित युवक ने गांव की ही एक युवती को शादी का झांसा देकर एक साल तक दैहिक शोषण किया। युवती के गर्भवती हो जाने के बाद युवक ने पत्नी के साथ मिलकर दबावपूर्वक युवती का गर्भपात कराया। मामले में दंपत्ति पर दोष सिद्ध होने पर जिला एवं सत्र न्यायालय ने उन्हें सजा सुनाई।
कटघोरा थाना अंतर्गत ग्राम अभनपुर ((बगदेवा)) निवासी रामू कुमार साहू ने विवाहित होते हुए गांव की एक युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाया था। वह मई २०११ से एक साल पहले तक शादी का झांसा देकर युवती का दैहिक शोषण करता रहा। युवती जब गर्भवती हो गई तो वह अपने वादे से मूकर गया। रामू कुमार ने अपनी पत्नी हीराबाई के साथ मिलकर युवती पर गर्भपात के लिए दबाव बनाया। युवती के नहीं मानने पर दंपत्ति ने उसे जान से मारने की धमकी देते हुए गर्भपात के लिए तैयार किया। दंपत्ति उसे लखनपुर ((कटघोरा)) के एक निजी डाक्टर रामजी सिंह के पास ले गए। जहां डाक्टर ने गर्भपात कराया। घटना के बाद पीडि़त युवती ने मामले की शिकायत कटघोरा पुलिस से की।
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पुलिस ने मामले में दंपत्ति के खिलाफ अनाचार, धमकी देने और एकराय होकर गर्भपात कराने का जुर्म कायम किया था। इस मामले में डाक्टर को भी सह आरोपी बनाया गया था। प्रकरण कटघोरा न्यायालय में पहुंचा। जहां से सुनवाई के लिए प्रकरण को जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायायल में भेजा गया। न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन था। सुनवाई के दौरान साक्ष्य, सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर दंपत्ति पर दोष सिद्ध हो गया। वहीं डाक्टर को संदेह का लाभ मिला। शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश पीके दवे ने दोषी दंपत्ति को सजा सुनाई। दोषी दंपत्ति को धारा ३७६((१))में ७ साल एवं ३ हजार रुपए अर्थदंड, धारा ५०६ ((२)) में १ वर्ष एवं ५ सौ रुपए जुर्माना व धारा ३१३, ३४ में ३ साल सश्रम कारावास व १ हजार रुपए अर्थदंड की सजा दी गई।
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