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कृषि भूमि की कमी होना चिंतनीय : महंत

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - कोरबा

औद्योगिक विकास के साथ कृषि भूमि कम होती जा रही है। यह चिंताजनक है। किसान अपनी भूमि का उपयोग अन्य फसलों के लिए नहीं कर पाते। ऐसे में उनकी आजीविका का साधन विकसित करने किसानों की अन्य उत्पादों के प्रति रूचि बढ़ानी पड़ेगी। मछली पालन को बढ़ावा देने के साथ ही फल व फूल के संरक्षण में तेजी से काम करने की जरूरत है।

यह बात केन्द्रीय कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग राज्यमंत्री डा. चरणदास महंत ने पाली तानाखार विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जटगा में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने किसानों से आव्हान किया कि वे मछली पालन में रूचि लेकर अपना आर्थिक विकास करें। प्रदेश की भाजपा सरकान ने किसानों के साथ छल किया है। भाजपा चुनाव से पहले किसानों के लिए धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 21०० रुपए करने व ३०० रुपए बोनस देने की बात कहती रही है। घोषणा पत्र में भी शामिल होना बताती रही, लेकिन चुनाव जीतने के बाद भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया। डा. महंत ने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों के लिए अनेक योजनाएं बनाई हैं। लेकिन प्रदेश की सरकार इसे लागू कर पाने में असफल रही है। केन्द्र की योजनाओं को अपना बताकर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह वाहवाही लूट रहे हैं। आने वाले लोकसभा चुनाव में किसानों के साथ की गई वादा खिलाफी का जवाब देना है। विधायक राम दयाल उइके व जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि भाजपा सरकार किसान व जनविरोधी है। कांग्रेस गांव, गरीब किसान के लिए सोंचती है। केन्द्र सरकार ने आदिवासियों को मनरेगा में 1५० दिन का रोजगार देने की घोषणा की है। जिला पंचायत सदस्य मदन राठौर ने किसानों की समस्याओं को डा. महंत के सामने रखते हुए सिंचाई की सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया। सम्मेलन में जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष हरीश परसाई, यशवंत लाल, हरिनारायण सिंह, सकील काजी, घुरबिन दास, लक्ष्मी अग्रवाल, श्रीमती देवकी तंवर, हरीश तंवर, अशरफ मेमन, हनीफ, हरिनारायण शास्त्री, बच्चन सिंह कोरार्म, कपिलाश सिंह, सुखराज सिंह, जीएस बनाफर समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

चरणदास महंत का स्वागत करते कांग्रेसी।



मछली पालन व फल-फूल संरक्षण पर कार्य करने की जरूरत, प्रदेश सरकार ने किसानों को ठगा





किसान सम्मेलन