पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ई सेवा सेंटर में अब नहीं मिलेंगी सुविधाएं

ई-सेवा सेंटर में अब नहीं मिलेंगी सुविधाएं

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - कोरबा

पुराना बस स्टैंड के गीतांजलि भवन में १० साल पहले ई-सेवा सेंटर की स्थापना की गई थी। एक ही स्थान पर शहर के लोगों को पानी, बिजली, टेलीफोन के जहां बिल जमा हो जाते थे, वहीं रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए आरक्षण काउंटर की सुविधा देते आ रहा था। अब यब सुविधा भी शहर की आधी आबादी से छीनने की तैयारी रेलवे ने शुरू कर दी है। रेलवे अब यह सुविधा जिले के मुख्य डाकघर में शुरू करेगा। 23 अप्रैल 2003 को इस सेंटर का शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी के हाथों हुआ था।

पुराना बस स्टैंड स्थित नगर निगम के गीतांजली भवन में ई-सेवा सेंटर के माध्यम से अब तक शहर की आधी आबादी को रेलवे टिकट सुलभ हो जाया करता था। इस सुविधा से क्षेत्र के लोग रेलवे स्टेशन स्थित आरक्षित टिकट काउंटर पर लगने वाली लंबी कतार की परेशानी से बचे हुए थे। रेल प्रशासन के इस निर्णय से अब लोगों को सुविधा के लिए स्टेशन की दौड़ लगानी पड़ेगी। इतना ही नहीं ई सेवा सेंटर से पहले जहां लोगों को पानी, बिजली व टेलीफोन का बिल जमा करने की सुविधा होती थी, जो काफी

पहले से बंद है।

अलग से होनी थी डाकघर में व्यवस्था



गीतांजलि भवन में संचालित ई-सेवा सेंटर



॥गीतांजली भवन में संचालित ई सेवा सेंटर के रेल टिकट आरक्षण काउंटर को बंद करने का निर्णय ले लिया है। अब यह सुविधा मुख्य डाकघर में शुरू की जानी है। जिसकी तैयारी की जा रही है। रेल मुख्यालय से शिफ्टिंग का आदेश मिलते ही डाकघर में रेलवे आरक्षण शुरू हो जाएगा।

केसी राउत, क्षेत्रीय प्रबंधक, कोरबा रेल खंड



समय-समय पर रेल प्रशासन की ओर से यह घोषणाएं होती रहती हैं कि रेलवे अब डाकघरों में टिकट काउंटर खोलने की तैयारी कर रहा है। जिससे नगरवासियों को मिलने वाली सुविधा बढ़ेगी। नगर में अलग-अलग जगह सुविधा होने का लाभ ट्रेन में सफर करने वालों को जरूर मिलता पर यहां तो पूर्व में की गई व्यवस्था को बंद कर दूसरे स्थान पर शुरू करने का निर्णय समझ से परे है। डाकघर में अलग से सुविधा मिलने के संकेत से जहां लोगों में खुशी व्याप्त थी, वहीं अब एक क्षेत्र के लोग खुश होंगे तो दूसरे क्षेत्र के लोग मायूस। पुरानी व्यवस्था को यथावत न रखने का रेलवे का यह निर्णय सुविधा नहीं परेशान करना वाला हो सकता है। रेलवे का आरक्षण काउंटर हटने के बाद ई सेवा सेंटर का अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही घंटाघर में भी यह सुविधाएं बंद हो गई है।

सुविधा नहीं वैकल्पिक व्यवस्था है

रेलवे के इस निर्णय से कोसाबाड़ी, निहारिका, रविशंकर शुक्लनगर, एमपीनगर, सीएसईबी पूर्व, रामपुर समेत रजगामार व बालकोनगर क्षेत्र के लोगों को सुविधा जरूर मिलेगी, लेकिन पूर्व से सुविधा ले रहे शहरवासियों को वंचित होना पड़ेगा। रेलवे की मंशा यहां भी नगरवासियों के हित में नहीं दिख रही है। पूर्व में मिल रही सुविधा से वंचित कर दूसरे क्षेत्र के लोगों को सुविधा देने का यह निर्णय रेलवे की मंशा सुविधा बढ़ाना नहीं वरन वैकल्पिक व्यवस्था करने की ओर इंगित करता है।



पानी, बिजली, टेलीफोन बिल कलेक्शन के बाद रेलवे आरक्षण काउंटर भी बंद