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अनदेखी-!-नगर निगम ने जारी की सहायक शिक्षक की चयन सूची, सूची में गलती सुधारने के लिए नहीं दिखाई गंभीरता
भास्कर न्यूज - कोरबा
नगर पालिक निगम में सहायक शिक्षक विज्ञान एवं कला की सीधी भर्ती के लिए जारी संशोधित चयन सूची विवादों में घिर गई है। इसके लिए दावा आपत्ति नहीं मंगाया गया है। इसके अलावा सूची में अनेक तरह की गंभीर त्रुटियां हैं। जिसे न्यायालय में चुनौती दी जाए तो पूरी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगना तय है। यह अधिकारी-कर्मचारी के अलावा चयन समिति के सदस्यों की लापरवाही को दर्शाता है।
सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को इस बार आरक्षित वर्ग की सूची में शामिल कर दिया गया है। वे अभ्यर्थी जो दूर दराज के क्षेत्र में रहते हैं और वे नगर निगम कार्यालय आकर सूचना पटल का आवलोकन नहीं कर सकते। वेबसाइट में ही चयन सूची देखना चाहते हैं उन्हें इस त्रुटि के कारण बड़ा भ्रम हो सकता है। वे चयन से भी वंचित रह सकते हैं। दैनिक भास्कर ने अपने १ अक्टूबर के अंक में ‘शिक्षाकर्मी भर्ती में नियमों की हो रही अनदेखी’ शीर्षक से भर्ती में बरती गई त्रुटि को उजागर करते हुए समाचार का प्रकाशित की थी। लेकिन निगम प्रशासन शुरू में तो मानने को ही तैयार नहीं था, लेकिन जिला प्रशासन की सख्ती के बाद सूची का परीक्षण किया गया। चयन समिति के अध्यक्ष नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के क्षेत्रीय संयुक्त संचालक पीबी काशी को भर्ती नियम के तहत बनाया गया है। पदेन सचिव निगम के आयुक्त और एक मात्र सदस्य सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग हैं। वरिष्ठ व जानकार अधिकारियों ने पहली बार चयन सूची जारी करने में बड़ी गलतियां की। इस वजह से भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में चार माह की देरी हो गई। अंतत: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से इस भर्ती के लिए मार्गदर्शन मांगा गया। मार्गदर्शन आने के बाद संशोधित सूची बनाई गई। इस सूची को चयन समिति के अध्यक्ष के सुपुर्द कर दिया गया। उन्हें निर्णय लेने में ही एक माह से ज्यादा का समय बीत गया। देर सवेर सूची जारी कर भी दी गई तो इसमें खामियां एक से बढ़कर एक है। अंतिम चयन सूची से पहले संभावित चयन सूची के अभ्यर्थियों से दावा आपत्ति मंगाना चाहिए। ऐसा पंचायत में अथवा अन्य विभागों में भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों से दावा आपत्ति मंगाने का प्रावधान है। इसके बाद ही अंतिम चयन सूची का प्रकाशन किया जाता है। नगर निगम में तो पहली बार जो गड़बड़ी सामने आई है ऐसे में यहां तो विशेष तौर पर दावा आपत्ति मंगाया जाना चाहिए।
चयन के लिए जाति ही बदल डाली
चयन सूची में अभ्यर्थियों को शामिल करने के लिए उनकी जाति तक बदल दी गई है। सहायक शिक्षक विज्ञान की सूची में २५वें स्थान पर यशवंत गुप्ता का नाम है। इसकी जाति पिछड़ा वर्ग बताया गया है। इसी तरह अनारक्षित महिला की सूची में चौथे स्थान पर पूजा प्रधान का नाम शामिल है। इसकी जाति भी पिछड़ा वर्ग बताया गया है। इसी तरह 122वें स्थान पर रीना गुप्ता, १२३ पर खुशबू राय, १२५ पर देवहुति गुप्ता का नाम चयन सूची में है। जिसे पिछड़ा वर्ग की आरक्षित सूची में शामिल किया गया है। इनका नाम पूर्व में जारी चयन सूची में न तो सामान्य और न ही पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल था। सहायक शिक्षक कला की चयन सूची में भी इसी तरह की गड़बड़ी की गई है। मुकेश कुमार पांडेय और केशव सिंह राजपूत को भी पिछड़ा वर्ग का बताया गया है। शुक्राजीत प्रधान, रोहिणी सिन्हा, पूजा सिन्हा व सविता सिन्हा भी इसी वर्ग में शामिल हैं।
दो प्रतिष्ठित नागरिक करेंगे प्रमाणित
दैनिक भास्कर की खबर पर मुहर
११ से प्रमाण पत्रों का सत्यापन
सहायक शिक्षक विज्ञान विषय के चयनित अभ्यर्थियों को 12 फरवरी को सुबह 11 से शाम ५ बजे के बीच साकेत भवन पहुंचकर प्रमाण पत्रों की जांच कराने के लिए कहा गया है। साथ ही उन्हें बताया गया कि अगर प्रमाण पत्र असत्य, त्रुटिपूर्ण व फर्जी पाए जाने पर नियुक्ति स्वमेव निरस्त मानी जाएगी। सहायक शिक्षक कला के चयनित अभ्यर्थियों को 11 फरवरी को सुबह 11 से ५ बजे के बीच सत्यापन के लिए बुलाया गया है।
एक अक्टूबर को प्रकाशित खबर
निगम का प्रशासनिक भवन साकेत
: हाईस्कूल/हायर सेंकेंडरी/स्नातक, स्नात्कोत्तर की अंकसूची जिसमें जन्मतिथि अंकित हो।
: शैक्षणिक आहर्ता संबंधी
: प्रशिक्षण संबंधी
: जाति व निवास
: जिला मेडिकल बोर्ड के प्रामण पत्र की मूल प्रति
: आचरण एवं व्यक्तित्व के संबंध में दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों का प्रमाण
॥ दावा आपत्ति तो अभ्यर्थी प्रमाण पत्रों की जांच कार्रवाई तक कभी प्रस्तुत नहीं कर सकते हैं। पृथक से ऐसा काई प्रावधान नहीं है। जांच के दौरान प्रमाण पत्रों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा। अन्य कोई त्रुटि के संबंध में परीक्षण के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
आलोक चन्द्रवंशी, आयुक्त, नगर पालिक निगम
दैनिक भास्कर ने एक अक्टूबर के अंक में जिन अभ्यर्थियों के नाम आरक्षण वार सूची में गलत दर्ज करने का उल्लेख किया था उस पर निगम की संशोधित सूची ने मुहर लगा दी। इसमें जितेन्द्र कुमार व उत्तम कुमार को अजा की सूची में, नेहा साहू, प्रेमलता देवांगन, हीरा पटेल, मनोज निषाद, कन्हैया पटेल, पुनीराम साहू, राजेन्द्र साहू, विवेक जायसवाल को पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किया गया था, जबकि उनके अंक अनारक्षित मुक्त में शामिल अभ्यर्थियों से कहीं ज्यादा था। संशोधित सूची में नेहा दूसरे क्रमांक पर है। वहीं ज्यादातर अभ्यर्थी टाप १६ में शामिल हैं। सहायक शिक्षक विज्ञान में अयोध्यया प्रसाद यादव, तानसेनी साहू, गोपाल प्रसाद साहू, कुलेश्वर कुमार, खेमलाल आदित्य, मूलचंद देवांगन, वेदप्रकाश डडसेना, तुलसी यादव, प्रिया साहू, मुकेश कुमार चन्द्रा व गोविंद दास महंत को पिछड़ा वर्ग की सूची में और शशि चौहान व रूपमणी कुर्रे को अनुसूचित जाति, उषा पेंदरी को अनुसुचित जनजाति की सूची में शामिल किया गया है। ये भी चयन सूची के अनारक्षित मुक्त के टाप ३३ में शामिल हैं।