पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • जीएम आफिस के सामने धरना ३ को

जीएम आफिस के सामने धरना ३ को

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - कोरबा
संयुक्त केंद्रीय श्रमिक संगठन ने कुसमुंडा परियोजना के कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर ३ फरवरी को धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है। ट्रेड यूनियनों के मुताबिक पहले चरण के तहत कुसमुंडा जीएम ऑफीस के सामने आंदोलन किया जाएगा।
संयुक्त केन्द्रीय श्रमिक संगठन ने कुसमुंडा प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना लिया है। इंटक, सीटू व बीएमएस के अनुसार केंद्रीय श्रमिक संगठन ने ४ जनवरी को मांग पत्र सौंपा था। लेकिन इस मांग पत्र पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है। श्रमिक संगठनों के अनुसार कर्मचारी समस्याओं के निराकरण में प्रबंधन की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। जिससे श्रमिक संगठनों व एसईसीएल कुसमुंडा के कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। यही कारण है कि अब श्रमिकों को आंदोलन का रास्ता अख्तियारकरना पड़ रहा है। मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर संयुक्त केंद्रीय श्रमिक संगठन से संबंद्ध एसईकेएमसी ((इंटक)) के उपाध्यक्ष एएस श्रीवास्तव, बीकेकेएमएस ((बीएमएस)) बिलासपुर क्षेत्र के महासचिव टिकेश्वर सिंह राठौर, केएसएस ((सीटू)) के नेता वीएम मनोहर ने ३ फरवरी को आंदोलन की चेतावनी दी है। श्रमिक संगठन ने एसईसीएल बिलासपुर के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि आंदोलन के प्रथम चरण में तीन फरवरी को कुसमुंडा जीएम कार्यालय के समक्ष धरना एवं प्रदर्शन किया जाएगा। संयुक्त केंद्रीय श्रमिक संगठन के मुताबिक आंदोलन के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति निर्मित होने पर इसकी जिम्मेदारी कुसमुंडा प्रबंधन की होगी। भू-विस्थापित कल्याण संघ छत्तीसगढ के सदस्य भागीरथी यादव ने बताया कि भू-विस्थापितों का जिला स्तरीय सम्मेलन आगामी फरवरी में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।



भूविस्थापितों ने भी बनाई आंदोलन की रणनीति

एसईसीएल के खदानों से प्रभावित स्थानीय भूविस्थापितों ने भी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए कुसमुंडा के हेलीपेड मैदान में बैठक हुई। जिसमें ३१ जनवरी को सीएमडी कार्यालय के सामने प्रस्तावित आंदोलन व कार्यालय के मुख्यद्वार में तालाबंदी क ो लेकर रणनीति बनाई। यहां कुसमुुंडा, गेवरा, दीपका के भूविस्थापित काफी संख्या में पहुंचे थे।