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कोरबा पूर्व संयंत्र के राखड़ डेम का बंधान बहा

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - कोरबा
मंगलवार की शाम को सीएसईबी कोरबा पूर्व संयंत्र के राखड़ बांध के बीच का तटबंध ((इंटरवाल))भरभरा कर बह गया। ओव्हर फ्लो के कारण यह घटना हुई है। जिसमें डेम के बीच के तटबंध का हिस्सा बहकर ध्वस्त हो गया । इस घटना में मिट्टी फिलिंग के काम में लगाई गई एक हाइवा भी फंस गई है। घटना में कोई हताहत नही हुआ है।
राज्य पावर जनरेशन कंपनी के ४४० मेगावाट क्षमता के कोरबा पूर्व संयंत्र का राखड़ बांध बालकों के दैहानपारा के पास स्थित है। प्लांट के लिए यहां बनाए गए राखड़ बांध को अलग-अलग भागों बांटा गया है। मंगलवार को राखड़ डेम के बीच के बंधान का लगभग १०० मीटर हिस्सा राखड़ पानी के तेज बहाव के कारण ध्वस्त हो गया। जिसके कारण डेम के एक हिस्से का पानी तेज धारा के साथ बहकर दूसरे हिस्से में समा गया। मंगलवार की शाम ४.३० बजे के लगभग यह घटना हुई। जब यह घटना हुई उस दौरान मौके पर लगभग एक दर्जन मजदूर काम कर रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक मौके पर कार्य कर रहा कोई मजदूर इस घटना में हताहत नही हुआ है।
घटना के समय हाइवा क्रमांक सीजी-१२, सी-४०५३ को मिटटी फिलिंग के काम में लगाया गया था। हाइवा से वहां मिटटी डंप किया जा रहा था, इसी समय राखड़ पानी के तेज प्रवाह में सड़कनुमा बंधान बह गया इस घटना में हाइवा भी फंस गया। घटना के कारण मौके पर हड़कंप मच गया था। देर शाम को इसकी जानकारी मिलते ही सीएसईबी कोरबा पूर्व के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। पहले अधिकारियों को यह जानकारी मिली थी कि राखड़बांध के अंतिम छोर का किनारा ध्वस्त हुआ है, और राखड़ युक्त पानी डेम के नीचे दैहानपारा मुहल्ला व पास के ही नाला में बह रहा है। इससे अधिकारियों के होश उड़ गए थे। मौके पर पहुंच जब स्थिति का जायजा लिया गया तो डेम के बीचों-बीच बनाया गया तटबंध ध्वस्त हुआ है। शेष पेज 14
घटना के बाद डेम में राखड़ पानी का सप्लाई कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार इसके कारण बिजली उत्पादन पर कोई प्रभाव नही पड़ा है।
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दो इकाई से उत्पादन ठप
घटना के बाद कोरबा पूर्व संयंत्र की ५० मेगवाट की दूसरी व १२० मेगावाट की पांच नबंर की इकाई से उत्पादन ठप हो गया था। पिछले कई दिनों से कोरबा पूर्व संयंत्र की सभी इकाईयों से बेहतर ढंग से बिजली का उत्पादन हो रहा था। मंगलवार को भी यहां उत्पादन की स्थिति ठीक थी, लेकिन बुधवार को प्लांट की दो इकाईयों से बिजली उत्पादन ठप हो गया था। डेम में ओव्हर फ्लो के कारण इंटरवाल ध्वस्त होने के कारण राखड़ सप्लाई बंद करना पड़ा था। माना जा रहा है इसके कारण ही संयंत्र में उत्पादन प्रभावित हुआ है।