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मुक्तांजलि चल रही कागजों में

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - जगदलपुर
सरकार ने कुछ समय पहले सरकारी हास्पिटल में मौत के बाद शव को उसके घर ससम्मान पहुंचाने के लिए मुक्तांजलि 1099 सुविधा की शुरूआत की थी। इस योजना का उद्देश्य यह था कि हर आम और खास का शव उसके घर तक मुफ्त में पहुंचाया जा सके, पर बस्तर में यह योजना कागजों पर ही चल रही है। यहां मुर्दों को 1099 का घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार तो मुफ्त वाहन की सुविधा उपलब्ध ही नहीं हो पाती है। भास्कर को लगातार इस बात की शिकायत मिल रही थी कि सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का कोई लाभ किसी को नहीं मिल रहा है। इसके बाद जब टीम ने पड़ताल शुरू की तो पता चला कि रोजाना मृतक के परिजनों को मुक्तांजलि सुविधा का लाभ लेने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
लोगों की शिकायत के बाद भास्कर की टीम ने मदद के लिए 1099 पर कॉल किया। फोन रिसीव करने वाले कर्मचारी को बताया गया कि मेडिकल कॉलेज के मेल मेडिकल वार्ड-1 में 32 वर्षीय युवक की मौत हो गई और उसके शव को बीजपुर ले जाने के लिए गाड़ी चाहिए। हेड क्वाटर में बैठे व्यक्ति ने पहले मृतक के बारे में पूरी जानकारी ली और हमें कहा कि आप मेडिकल कॉलेज के मेन गेट पर खड़े हो जाएं आपको वहां वाहन मिल जाएगी। पहला फोन दोपहर 12.26 बजे के करीब किया था। इसके बाद टीम के सदस्य मेकाज में गाड़ी का इंतजार करने लगे। करीब आधे घंटे तक वहां कोई गाड़ी नहीं पहुंची। इसके बाद दोबारा 1099 में कॉल करने पर पांच मिनट बाद फोन करने कहा गया।
इसके बाद फिर फोन किया तो सीधे ड्राइवर नरेंद्र डोंगरे का मोबाइल नंबर 9425288847 पर फोन कर बात करने की सलाह दी गई। ड्राइवर का नंबर भी नॉट रीचेबल बताने लगा। इसके बाद टीम के सदस्यों ने दोपहर 2 बजे फिर से 1099 पर कॉल कर वाहन के संबंध में पूछताछ की तो जवाब मिला कि एक वाहन खराब है और दूसरी को कांकेर भेजा गया है। यहां कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने कहा कि यदि चाहें तो कोंडागांव जिले से गाड़ी मंगवा कर दी जा सकती है, पर इसके लिए और इंतजार करना पड़ेगा।