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मरीज की जान बचाने निकले थे खुद हो गए शिकार

8 वर्ष पहले
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मरीज को मौत से बचाने निकला था खुद हो गया मौत का शिकार। संजीवनी वाहन के पायलट की हुई हादसे में दर्दनाक मौत।
भास्कर न्यूज . जगदलपुर
सुबह वह अपने घर से इस मकसद से निकला था कि तड़पते कुछ लोगों की जिंदगी बचा लेगा। उसे लोगों की सेवा करने में बड़ा मजा आता था। वह हमेशा मरीजों को समय पर डाक्टर तक पहुंचाने के लिए बेकरार रहता था। शनिवार को भी वह ऐसे ही किसी तड़पते मरीज को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने के लिए दरभा से नेगानार की ओर आ रहा था पर उसे क्या पता था कि रास्ते में उसकी मौत उसका इंतजार कर रही है।
शनिवार को दरभा में हुए बारूदी विस्फोट में संजीवनी के पायलट वासु की दर्दनाक मौत हो गई है। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि वासू के टुकड़े-टुकड़े हो गए। मौके से सिर्फ उसके शरीर के कुछ हिस्से ही मिले जिन्हें उनके साथियों ने एक लाल रंग की पॉलिथीन में भरकर हास्पिटल लाया। शरीर के इन टुकड़ों को भी पीएम के लिए डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है।
वासु की मौत की कहानी जिसने भी सुनी वह दंग रह गया। हास्पिटल में जब 108 में उसके शरीर के टुकड़ों को लाया गया तो यहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। वासु के साथ काम कर चुके संजीवनी कर्मचारियों की मानें तो वह बेहद जिंदादिल इंसान था। वह 108 में नौकरी पैसो के लिए कम और सेवा के लिए \\\'यादा किया करता था। उसके साथी बताते हैं कि वह आधी रात को भी मरीज को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने के लिए तत्पर रहता था।
इस घटना में वाहन के टेक्निशियन श्रवण कुमार नेताम की मौत भी हो गई। वह अब तक अविवाहित था और उसका परिवार उसकी शादी की तैयारी में था।