पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • रिश्वत लेते सीएमओ दफ्तर का अकाउंटेंट रंगेहाथ पकड़ा गया

रिश्वत लेते सीएमओ दफ्तर का अकाउंटेंट रंगेहाथ पकड़ा गया

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राजनांदगांव - स्वास्थ्य विभाग के अकाउंटेंट को एंटी करप्शन ब्यूरो ((एसीबी)) की टीम ने बुधवार को एक हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा। आरोपी अकाउंटेंट अपने ही विभाग के कर्मचारी से जीपीएफ की राशि क्लियर करने के एवज में रुपए मांग रहा था। एसीबी की कार्रवाई के बाद विभाग में
हड़कंप मच गया।
डोंगरगढ़ में ग्रामीण स्वास्थ्य योजना में कार्यरत विनोद बागड़े ने ६ जनवरी को विभाग में जीपीएफ की राशि के लिए आवेदन किया था। विनोद ने बताया कि २७ जनवरी को सीएमओ के पास से पूरे दस्तावेज लेखा विभाग में भेज दिए गए हैं। जीपीएफ से उसे ५० हजार रुपए मिलने थे। इसके लिए जब वह अकाउंटेंट प्रकाश नारायण कौमार्य के पास पहुंचा तो, उसे विनोद से एक हजार रुपए की मांग की। इसके बाद विनोद से सीधे एसीबी के अधिकारियों से संपर्क किया और मामले की जानकारी दी। फिर २९ जनवरी को सुबह ११.१५ बजे एसीबी की ७ सदस्यीय टीम सीएमओ कार्यालय पहुंची। टीम ने विनोद को नोट देकर अकाउंटेंट के पास भेजा।
१५ जनवरी को एसीबी की टीम ने लेनदेन की बातचीत को रिकार्ड कर लिया था।

शिकायत सत्यापित होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने कहा कि शिकायत के बाद सत्यापन होना आवश्यक है, तभी रंगे हाथ पकडऩे की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
बाक्स
सीधे हाथ में दिए रुपए:आरोपी
लेखापाल प्रकाश ने कहा कि विनोद ने पत्नी की बीमारी की बात कहकर जीपीएफ की राशि निकालने की बात कही थी। इसके बाद साहब से स्वीकृत मैने ही कराया। इसके बाद विनोद से रुपए देने की बात कही तो मैंने मना कर दिया। इसके बाद २९ जनवरी को वह सीधे मेरी टेबल पर आया और रुपए मेरे हाथ में दे दिए, मैंने ने मना किया और रुपए टेबल पर रख दिए। विनोद के आरोप पूरी तरह से गलत है।