पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 4 साल से बिना डाकिए के चल रहा ऑफिस

4 साल से बिना डाकिए के चल रहा ऑफिस

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - बालोद
डाक विभाग की अनदेखी का नतीजा है कि बालोद से 15 किमी दूर लाटाबोड़ में चार साल से कोई डाकिया नहीं है। ग्रामीण व पंचायत प्रशासन लगातार डाक विभाग के अधिकारियों से डाकिया मांगते थक गए हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। बिना डाकिए के लोगों के जरुरी पत्र भी समय पर नहीं मिलते।
चार साल पहले यहां पदस्थ डाकिए का आकस्मिक निधन हो गया, तब से यह पद रिक्त है। डाकघर एक ब्रांच पोस्टर मास्टर ((बीपीएम)) के भरोसे है। जो आफिस व डाक बांटने दोनों काम करता है। लाटाबोड़ सहित अरौद, देवी नवागांव, खपरी, भेंगारी, टेकापार, नेवारी कला के ग्रामीण बिना डाकिए के हताश है। समय पर इंटरव्यू काल लेटर, पोस्टिंग लेटर व अन्य पत्र नहीं पहुंचने की शिकायत आए दिन रहती है।
अधिकारी भी कुछ नहीं किए :सरपंच गोवर्धन सिंह ठाकुर ने बताया कि दुर्ग व रायपुर डाक विभाग के अधिकारी दौरे पर आए थे। उन्हें भी यहां की परेशानी से अवगत कराया गया था। अधिकारियों ने दो साल पहले आश्वासन दिया था कि जल्द ही यहां डाकिया नियुक्त कर दिया जाएगा। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
बिना बिजली, भवन का डाकघर : लाटाबोड़ का डाकघर पहले एक जर्जर मकान में संचालित था। खतरे को देखते हुए डाक विभाग को वो मकान छोडऩा पड़ा। तब पंचायत प्रशासन ने इनकी व्यवस्था की। पंचायत की ओर से निशुल्क दो कमरे का भवन डाकघर को दिया गया है, लेकिन अफसोस है कि इस भवन में डाक विभाग ने न तो बिजली लगाया और न ही पंखा। जबकि विभाग से मकान किराया, बिजली बिल व अन्य खर्च के लिए राशि आवंटित होती है। बिना डाकिए के चार साल से गुजारा कर रहे ग्रामीण परेशान हैं।




॥केंद्र सरकार रिक्त पोस्टमैन व पोस्ट मास्टर के पदों में भर्ती कर रहा है। आवेदन की प्रक्रिया जारी है। लाटाबोड़ में समस्या है। बघमरा, दुधली डाकघर में भी स्टाफ की कमी है। उम्मीद है नई नियुक्ति में समस्या हल हो जाएगी।ञ्जञ्ज

मो. नियाजुद्दीन, पोस्टरमास्टर, उप डाकघर, बालोद

देर से मिला कॉल लेटर

लाटाबोड़ के मुन्ना दास मानिकपुरी ने बताया कि उन्होंने एक सरकारी नौकरी के लिए आवेदन दिया था। इंटरव्यू काल लेटर डाकघर में आ चुका था, लेकिन उसे नहीं मिला था। एक दिन ही बचे थे। आनन-फानन में उन्होंने इंटरनेट से लेटर निकलवाया और इंटरव्यू देने गए। यदि उन्हें पता नहीं चलता कि लेटर आया है तो वे इस इंटरव्यू से वंचित हो जाते।

अरौद के मदन लाल यादव ने बताया कि एक सरकारी नौकरी में इंटरव्यू देने के बाद उनका पोस्टिंग आर्डर नहीं मिल रहा था। उनका चयन हो चुका था, लेकिन डाक विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें पोस्टिंग आर्डर से वंचित होना पड़ा। हड़बड़ी में उन्होंने भी इंटरनेट से आर्डर कापी निकलवाई।

लाटाबोड़ के रघुनंदन नेताम ने बताया कि उनकी बहू को एक नौकरी के लिए इंटरव्यू काल लेटर लेट से मिला। इंटरव्यू हुआ उसके दूसरे दिन लेटर मिला तो उनकी बहु नौकरी से वंचित हो गई।


<ड्ढह्म्र्>पोस्टमैन नहीं होने के कारण जरूरी चिट्ठी भी लोगों को निर्धारित समय के बाद मिलने की शिकायत

लाटाबोड़ के पोस्ट आफिस में पोस्टमैन के नहीं होने से हो रही परेशानी।