भागवत में सुनाई भक्त प्रहलाद की कथा
बालोद - ग्राम सलौनी ((सांकरी)) में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह चल रहा है। गुरूवार को पं. कालेश्वर प्रसाद तिवारी राजिम ने प्रहलाद चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि राजा हिरण कश्यप खुद को भगवान समझता था। प्रजा को भी वह उन्हें भगवान मानने के लिए दबाव डालता था। लेकिन हिरण कश्यप का पुत्र प्रहलाद विष्णु को ही भगवान मानता था। प्रहलाद के इस भक्ति भाव से हिरण कश्यप चिढ़ता था। एक दिन हिरण कश्यप ने प्रहलाद से पूछा कि तुम्हारा भगवान विष्णु कहा रहता है। प्रहलाद ने एक खंबे की ओर इशारा करके कहा कि मेरा भगवान हर जगह है। आक्रोश में आकर हिरण कश्यप ने उस खंबे को तोडऩे का प्रयास किया। खंबे के भीतर से ही भगवान विष्णु नरसिंह अवतार में प्रकट हुए। उन्होंने हिरण कश्यप का वध किया। जिस प्रकार हिरण कश्यप प्रहलाद के ऊपर घोर अपराध किए व मारने का अथक प्रयास किया लेकिन भक्तों का मान रखने वाले भगवान ने उसके सारे प्रयास विफल कर दिए और अपने भक्त की रक्षा की। शुक्रवार को पंडित तिवारी कृष्ण जन्म की कथा सुनाएंगे।