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जिले में मापदंड के अनुरूप एक भी रेत खदान नहीं

8 वर्ष पहले
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रेत खनन के लिए एनओसी जारी करने पर्यावरण विभाग से लेनी होगी अनुमति।
भास्कर न्यूज - बेमेतरा
जिले में एक भी रेत खदान पर्यावरण विभाग के मापदंड के अनुरूप नहीं है। पर्यावरण विभाग से अनुमति के बाद ही रेत खदानों में खनन के लिए एनओसी जारी करने का नया आदेश दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों को एक बार फिर नए सिरे से आवेदन अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए पर्यावरण विभाग को भेजना होगा। तब कहीं जाकर रेत खदानों में खनन के लिए अनुमति मिल पाएगी।
खनिज विभाग के अनुसार जिले में एकमात्र बावाघटोली की रेत खदान ही 5 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में है। परपोड़ा, ताकम, चेटुवा, डंगनिया व बलघोर पथरपूंजी खदान 1 हेक्टेयर से भी कम है। इसलिए ऐसी रेत खदानों को अनुमति मिलने की संभावना कम है। हालांकि पर्यावरण के नए नियम के अनुसार पंचायतों से आवेदन पत्र, प्रस्ताव व खसरा-नक्शा खनिज विभाग मंगा रहा है। ताकि पर्यावरण विभाग को स्वीकृति के लिए भेजा जा सके।




एनओसी मिलने की उम्मीद कम

॥5 हेक्टेयर से कम क्षेत्र वाले रेत खदान पर पर्यावरण विभाग से एनओसी मिलने की उम्मीद कम है। फिर भी पंचायतों के प्रस्ताव को पर्यावरण विभाग को अनुमति के लिए भेजा जाएगा। ताकि रेत के लिए जिलेवासियों को परेशानी न हो।ञ्जञ्ज

बजरंग सिंह पैकरा, खनिज इंस्पेक्टर

बावाघटोली की रेत खदान 5 हेक्टयर में फैली है।