जमीन पर लेटकर 5 घंटे रोका ट्रक
डिप्रेंश राशि को लेकर मंगलवार को चक्का जाम, आज चर्चा।
भास्कर न्यूज - दल्लीराजहरा
राजहरा टिप्पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जमीन पर लेट कर सुबह 6 से 11 बजे तक पांच घंटे तक चक्का जाम कर दिया। यूनियन नेता अनिल यादव के द्वारा आंदोलन स्थल पर पहुंचकर राजहरा टिप्पर ओनर्स एसोसिएशन के पुराने ट्रक मालिकों एवं बीएसपी प्रबंधन के साथ बुधवार को बैठक लेकर उचित रास्ता निकालने के आश्वासन के बाद चक्का जाम समाप्त हुआ। एसोसिएशन के सदस्य डिफरेंस राशि का भुगतान में देरी होने से गुस्से में थे। इसीलिए चेतावनी के बाद मंगलवार को 25 से अधिक ट्रक मालिकों ने झरन मंदिर के आगे माइंस सिंह ट्रांसपोर्ट के ट्रकों को जमीन पर लेटकर रोक दिया। विरोध के कारण नए ट्रक मालिकों एवं राजहरा टिप्पर एसोसिएशन के पुराने ट्रक मालिकों के बीच विवाद की भी स्थिति निर्मित हो गई। ट्रक रोकने की सूचना मिलते ही पुलिस बल व यूनियन के नेताओं का आंदोलन स्थल पर आना शुरू हो गया।
क्या है मामला : टिप्पर ओनर्स एसोसिएशन के सचिव विजय कुमार डड़सेना ने बताया कि लगभग 50 ट्रक मालिकों द्वारा महामाया माइंस में पिछले 30-40 वर्षों से छ: चक्का टिप्परों के माध्यम से लौह अयस्क का परिवहन बीएसपी के लिए किया जा रहा है। पिछले 3-4 वर्षों से महंगाई व डीजल का रेट बढऩे के हिसाब से परिवहन रेट नहीं बढऩे के कारण अपने ट्रकों को माइंस में चलाना कठिन हो गया था।
इस संबंध में ट्रक मालिकों द्वारा यूनियन के माध्यम से ठेकेदार को अपनी समस्या बताई। जिस पर ट्रेड यूनियन के नेताओं ने ठेकेदार से बातचीत करने के बाद ट्रक मालिकों को 115 रुपए प्रतिटन के हिसाब से दर तय होना बताया। तथा दो माह बाद और अधिक रेट देने का आश्वासन दिया। जिसके तहत ट्रक मालिकों ने दो माह काम किया। लेकिन ठेकेदार उन्हें 110 रुपए प्रति टन के हिसाब से पेमेंट किया गया। इसकी डिफरेंस राशि 5 रुपया प्रतिटन का पेमेंट 5 माह बीत जाने के बाद भी नहीं किए जाने के कारण उक्त कदम उठाना पड़ा। जबकि इस संबंध में शासन-प्रशासन व यूनियन नेताओं को कई बार अवगत भी कराया गया।
आज की बैठक में फैसले की उम्मीद
यूनियन नेता अनिल यादव ने कहा कि बीएसपी प्रबंधन एवं सिंह ट्रांसपोर्ट से चर्चा कर दो माह के डिफरेंस राशि को ट्रक मालिकों को भुगतान करना है। जिसमें वह स्वयं भी शामिल है। ट्रक मालिकों को उनकी मेहनत की राशि जरूर मिले इस पर वह अडिग है। बुधवार को बैठक में छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष गणेश राम चौधरी, वीरेंद्र पसीने, एसकेएमएस के महासचिव कंवलजीत सिंह मान, अनिल यादव एवं बीएसपी प्रबंधन के बीच बैठक में इसका रास्ता निकाला जाएगा। साथ ही प्रबंधन को समस्या का हल निकालने एक निर्धारित समय सीमा दिया जाएगा। यदि इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होती है तो सभी यूनियन नेताओं व ट्रक मालिकों का साथ लेकर उग्र आंदोलन कर बीएसपी का पूरा उत्पादन ठप करेंगे।
लौह अयस्क का परिवहन करते ट्रकों को एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने जमीन पर लेट कर जाने नहीं दिया। चक्का जाम की स्थिति पांच घंटे तक बनी रही। लाल घेरे में संघ के पदाधिकारी।
यूनियन नेताओं के कारण विरोध की स्थिति : लवली
एसोसिएशन के सदस्य लवली छतवाल ने कहा कि बीएसपी प्रबंधन एवं यूनियन नेताओं के बीच हुई बैठक में यह निर्णय निकाला गया था कि 5 रुपए प्रतिटन की डिफरेंस राशि को दिवाली के दौरान दे दिया जाएगा। लेकिन दिवाली के दो माह बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। वहीं उनके द्वारा कार्य किए 5 माह हो चुके हैं। साथ ही यूनियन के नेताओं को भी बीच-बीच में पत्र भेजकर अवगत कराया जाता रहा। लेकिन यूनियन नेताओं ने इसे गंभीरता से नहीं लेते हुए नजरअंदाज कर दिया। फलस्वरूप आज यह स्थिति निर्मित हुई।
चक्का जाम - राजहरा टिप्पर एसोसिएशन ने पांच रुपए प्रति टन माल का पैसा देने की मांग की
नए व पुराने ट्रक मालिकों के बीच परिवहन को लेकर हो रहा विवाद