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राजस्व ग्राम बनने के बाद पहुंचा अफसरों का दल

7 वर्ष पहले
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राजस्व ग्राम बनने के बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर को गिनाई अपनी समस्याएं।
भास्कर न्यूज - बालोद
जब कोसमी वनग्राम था तो कोई सुध लेने नहीं आता था। ग्रामीण अपनी समस्या का समाधान अपने स्तर पर ही करते थे। राजस्व ग्राम बनने के बाद पहली बार कोई बड़ा अधिकारी अमले के साथ यहां आया। अधिकारियों के समक्ष ग्रामीणों ने अपने वर्षों पुरानी समस्या रखी। जिस पर अधिकारियों ने ध्यान देने का आश्वासन दिया। यह मौका था जब मंगलवार को कलेक्टर प्रशासनिक अफसरों के साथ अचानक यहां पहुंचे।
ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांवों में पहली बार कोई बड़े अधिकारी पहुंचे है। कलेक्टर अमृत खलखो ने ग्रामीणों के साथ पूरे गांव का भ्रमण कर सांस्कृतिक कला मंच पर चौपाल लगाया। ग्रामीणों ने गांव को राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने पर कलेक्टर के समक्ष प्रसन्नता व्यक्त किए। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें खेती की जमीन का पट्टा मिल गया है और सभी किसानों को अपने कब्जा की जमीन की जानकारी है।
उन्हें उचित मूल्य की दुकान से प्रतिमाह नियमित रूप से राशन प्राप्त हो रहा है। गांव में मितानिन और डिपो होल्डर है। उनसे दवाईयों मिल रही है।




इसके पहले - कोसमी के वनग्राम रहते किसी ने नहीं दिया था ध्यान

ग्राम कोसमी में कलेक्टर अमृत खलखो ने ग्रामवासियों की समस्याएं सुनी।