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नदी किनारे पिचिंग, १.90 करोड़ रुपए से होगा निर्माण

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बालोद
वर्षों से तांदुला नदी में बढ़ते रेत के कटाव से सुंदरा, देवी नवागांव के ग्रामीण बाढ़ के खतरे से आशंकित रहते है। तांदुला नदी में दोनों गांव के बीच बारिश से पहले एनीकट कम रपटा तो बना है। लेकिन पानी की धार को नियंत्रित नहीं किया जा सका। बाढ़ व ज्यादा बारिश के दौरान पानी गांव की ओर ही बढ़ता है।
रेत के कटाव से नदी किनारे बसे ग्रामीण खतरा महसूस करते है। वहीं सुंदरा-देवी नवागांव का चारागाह जलमग्न हो जाता है। सुंदरा से मरौद बगीचा जाने वाली सड़क भी डूब जाता है। इन सब परेशानी को दूर करने के लिए सिंचाई विभाग नदी किनारों में पिचिंग कार्य करवाएगी। आवश्यकतानुसार नदी के दोनों किनारे पिचिंग ((लाइनिंग)) होगा। सुंदरा की ओर लगभग 500 मीटर व देवी नवागांव की ओर 200 मीटर लंबाई में पिचिंग बनाया जाएगा।
1.90 करोड़ स्वीकृत
शासन ने शेष पिचिंग कार्य को पुरा करने के लिए एक करोड़ 90 लाख रुपए की स्वीकृत दी है। टेंडर भी हो गया है। जल्द ही निर्माण एजेंसी काम शुरू करेगा।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एनीकट के साथ पिचिंग कार्य शामिल नहीं था। पिचिंग के लिए अलग से प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर स्वीकृति मिला और बहुत जल्द काम शुरू होने वाला है। पिछले साल तक तांदुला नदी से रेत उत्खनन के कारण नदी काफी चौड़ी व गहरी होती जा रही है। सरपंच धनेश्वरी देशमुख ने बताया कि कटाव के खतरे से बचने के लिए पिचिंग निर्माण जरूरी हो गया है।



तांदुला नदी के कटाव को रोकने के लिए किनारे की होगी पिचिंग।

अधूरा हुआ था पिचिंग

पिछले साल लगभग 6 करोड़ की लागत से जब एनीकट कम रपटा का निर्माण हुआ तो दोनों किनारे पिचिंग अधूरा था। देवी नवागांव में चारागाह की ओर व सुंदरा में तालाब के पास पिचिंग कराया गया था। सुंदरा बस्ती व देवी नवागांव के किसानों के खेत, बाड़ी की ओर पिचिंग नहीं होने से बारिश में नुकसान होता है।