केस वापस लें, अन्यथा 2 को फिर चक्काजाम
भास्कर न्यूज - दल्लीराजहरा
स्टेट हाईवे पर चार घंटे चक्काजाम के दूसरे दिन बुधवार को पुलिस ने राजहरा टिप्पर ओनर्स एसोसिएशन के 5 लोगों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है। इससे आक्रोशित एसोसिएशन के लोगों ने खदानों में नियम विरुद्ध चल रहे ओवर लोड लौह अयस्क परिवहन को नहीं चलने देने की चेतावनी दी है। एसोसिएशन के लोगों का कहना है कि अपना हक मांगने संघर्षरत लोगों पर जब नियमानुसार कार्रवाई जा रही है तो सब कुछ नियम से ही चलना चाहिए। किसी के साथ भी भेदभाव नहीं होना चाहिए। राजहरा पुलिस ने विजय ड$डसेना, संतोष देवांगन, अज्जू अग्रवाल, विक्रम धुर्व व सोनू बग्गा के खिलाफ भीड़ के साथ यातायात अवरुद्ध का मामला दर्ज किया है।
राजहरा टिप्पर एसोसिएशन के लोगों ने कहा कि कई चरण की बैठकों के बाद स्वयं सिंग ट्रान्सपोर्ट व ट्रेड यूनियन के लोगों ने ११५ रुपए प्रति टन से परिवहन भुगतान का वादा किया था। परन्तु दो माह के परिवहन का भुगतान ११० रुपए प्रति टन की दर से किया गया। टिप्पर मालिकों का हक मारकर आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। साथ ही टिप्पर मालिकों को काम से बाहर भी कर दिया गया। इस तरह टिप्पर मालिकों पर दोहरी मार पड़ी है। टिप्पर मालिकों ने कई स्तर पर अपनी मांग उठाने का प्रयास किया था परन्तु उनकी आवाज नहीं सुनी गई। तब जाकर मजबूरी में शासन, प्रशासन, बीएसपी अधिकारियों व ठेकेदार का ध्यानाकर्षण करने मजबूरी में उन्हे चक्काजाम करना पड़ा। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संतोष देवांगन ने कहा कि यदि उन पर कायम मामला वापस नहीं लिया गया तो ३ फरवरी से वे किसी भी खदान में नियम विरुद्ध चलाए जा रहे ओवर लोड लौह अयस्क परिवहन पर रोक लगा कर पुलिस को सूचित करेंगे। वादे के अनुसार उनको बकाया पैसा दिलाया जाए। ३०-४० साल से टिप्परों को काम पर वापस लिया जाए।
चक्काजाम करने के खिलाफ पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया।
आक्रोश - टिप्पर मालिकों व बीएसपी प्रबंधन के बीच टकराव
पांच लाख का भुगतान अटका
टिप्पर मालिकों को परिवहन भुगतान ११० रुपए प्रति टन से किया गया है। उनका कहना है कि बैठक में ११५ रुपए प्रति टन की दर तय की गई थी। इस पांच रुपए की अंतर राशि से लगभग ३५ टिप्पर मालिकों को लगभग पांच लाख रुपए लेना है। हालांकि कितने टन लौह अयस्क परिवहन हुआ है इसका वास्तविक आंकड़ा ठेकेदार सिंग ट्रांसपोर्ट कं$ के पास ही है परन्तु एक टिप्पर दिन भर में लगभग ५ ट्रिप लगाती है। महीने में औसत १०० ट्रिप मानें तो १२ टन प्रति ट्रिप के हिसाब से १२०० टन प्रति माह प्रति टिप्पर तथा पांच रुपए प्रति टन की दर से ६००० रुपए प्रति टिप्पर प्रति माह का बकाया निकलता है। दो माह तथा ४० टिप्परों में यह राशि ४ लाख ८० हजार रुपए होती है। अर्थात टिप्पर मालिकों के अनुसार उन्हें यह पैसा ठेकेदार से लेना निकलता है।